मालपुआ रेसिपी
"मालपुआ रेसिपी – बिहार की पारंपरिक मिठाई। जानें आसान विधि, सामग्री, स्वास्थ्य लाभ, पोषण चार्ट और
Prep Time 20 minutes mins
Cook Time 30 minutes mins
Total Time 50 minutes mins
Course Dessert
Cuisine Indian
Servings 4 people
Calories 350 kcal
- मैदा – 1 कप
- सूजी – ½ कप
- दूध – 2 कप गाढ़ा दूध बेहतर रहेगा, मावा/खोया हो तो और अच्छा
- चीनी – 1 कप
- इलायची पाउडर – ½ चम्मच
- सौंफ – 1 चम्मच दरदरी पिसी हुई
- बेकिंग सोडा – एक चुटकी Optional
- घी – तलने के लिए
- इलायची -2
- केसर की कुछ पत्तियाँ
मालपुआ रेसिपी बनाने की विधि
1 दूध तैयार करना (यदि आप मावा/खोया अपने दूध से बना रहे हैं)
सबसे पहले अगर आप घरेलू मावा (खोया) बना रहे हैं तो 1.25 लीटर दूध धीमी आँच पर रखें। बीच-बीच में चलाते जाएँ ताकि नीचे जमे नहीं। दूध को तब तक उबालकर लगातार उबालें जब तक दूध लगभग आधा न रह जाए और गाढ़ा क्रीम जैसा टेक्सचर न बन जाए — यह प्रक्रिया आमतौर पर 30–45 मिनट ले सकती है।
जब दूध गाढ़ा हो जाए तो चूल्हे से उतारकर ठंडा होने दें। यदि आप मावा नहीं बना रहे हैं तो सीधे सामान्य ताज़ा दूध का उपयोग करें।
ध्यान: दूध को तेज आँच पर न छोड़ें — जलन या दही बनना समस्या पैदा कर सकता है।टिप: बाजार का खोया/मावा इस्तेमाल कर रहे हों तो 100–125 ग्राम मावा घिसकर बैटर में मिलाएँ — इससे मालपुआ और समृद्ध बनता है।
2.सूखी सामग्री को छानना और मिलाना
एक बर्तन में मैदा और सूजी को एक साथ छान लें ताकि किसी प्रकार की गांठ ना रहे। छानने से बैटर हल्का रहेगा और मिक्सचर स्मूद बनेगा।
इसमें इलायची पाउडर और पिसी सौंफ मिलाएँ।
Optional: बैटर में बेकिंग सोडा की एक चुटकी डालने से परिणाम में हल्की फुलावट आती है — पर बहुत अधिक सोडा से स्वाद में कड़वाहट आ सकती है। अगर आप बेकिंग सोडा नहीं डालना चाहते तो ¼ चम्मच इन्स्टेंट यीस्ट गुनगुने पानी में घोलकर 10–15 मिनट पहले सक्रिय कर लें और बैटर में मिलाएँ (थोड़ी खमीर जैसी सुगंध और नरमी देगी)।
बैटर (घोल) बनाना — टेक्निक और संकेत
अब छानी हुई सूखी सामग्री में धीरे-धीरे दूध डालें और अच्छे से फेंटें। यदि आपने मावा डाला है तो पहले मावा को दूध में अच्छी तरह मिला लें ताकि घोल समरूप हो।
बैटर की वांछित कंसिस्टेंसी: यह थोड़ी गाढ़ी पैनकेक वाले घोल से पतला और पकोड़े के घोल से थोड़ा पतला होना चाहिए — यानी करछी से निकालने पर घोल धीरे-धीरे गिरना चाहिए, बहुत पतला न हो (जो फैलकर बहुत ज्यादा पतले घेरे बनाए)।
तकनीकी संकेत: करछी पर घोल का एक गोला छोड़ें, वह 4–6 सेकंड में आकृति बनाए रखे और फैलना धीमा हो।
बैटर में 2–3 बड़े चम्मच चीनी मिला दें (अल्प मात्रा) — इससे बैटर थोड़ा सहज खमीर जैसा व्यवहार करेगा और तलने पर रंग अच्छा आएगा।
अच्छे से फेंटने के बाद बैटर को ढककर 1 से 2 घंटे कमरे के तापमान पर आराम दें। यह समय सूजी को फूलने देता है और बैटर का टेक्सचर स्मूद हो जाता है। बहुत अधिक देर तक न रखें (5–6 घंटे) वरना खटास आ सकती है।
टिप: अगर आप तुरंत बनाना चाहते हैं तो कम से कम 30 मिनट छोड़ दें — पर 1–2 घंटे का आराम श्रेष्ठ परिणाम देता है।
समस्या-समाधान: यदि बैटर बहुत गाढ़ा लगे तो थोड़ा दूध मिलाकर समायोजित करें; बहुत पतला होने पर 1–2 बड़े चम्मच बेसन/मैदा मिलाएँ।
चाशनी (शक्कर की चाशनी) बनाना
एक मध्यम आकार के पैन में 1 कप चीनी और ½ कप पानी डालकर धीमी आँच पर रखें।
चीनी को घुलने दें, बीच-बीच में ऊपर की झाग को हटाते जाएँ ताकि चाशनी साफ़ दिखे।
जब चीनी पूरी तरह घुल जाए और चाशनी उबलने लगे, तो आँच को मध्यम-नीची रखें। चाशनी को एक तार (एक तार की कन्सिस्टेंसी) पर पकाना अच्छा होता है — यह पारंपरिक मालपुआ के लिए उपयुक्त है।
तार की जाँच: चाशनी का एक छोटा सा भाग उँगली पर (या ठंडी चम्मच पर) लेकर देखें — यदि एक पतली तार बनती है और टूटती है तो एक-तार स्टेज है। (एक तार लगभग 104–106°C के आसपास होता है)।
जब एक तार की स्थिति प्राप्त हो जाए तो गैस बंद कर दें और थोड़ा सा केसर/इलायची पाउडर डालें। चाशनी को गरम रखें — मालपुए में डालने के लिए चाशनी और मालपुआ दोनों गरम होने चाहिए।
ध्यान: चाशनी को बहुत गाढ़ा न बनाएं; अगर गाढ़ी हो गई है तो उसमें थोड़ा गर्म पानी मिलाकर समायोजित कर लें और फिर गरम कर लें। चाशनी बहुत पतली भी न रखें, नहीं तो मालपुआ चाशनी पकाकर पानी जैसा हो सकता है।
घी/तेल गरम करना और तलने की तैयारी
मध्यम आकार की कड़ाही में पर्याप्त घी डालें — गहरे तलने के लिए 3–4 इंच घी की परत रखें ताकि पुआ सही तरह तले। परंतु अगर कम घी रखें तो बैटर डूबकर ठीक से नहीं पक पाएगा।
घी गरम करने के संकेत: करछी का एक छोटा हिस्सा घी में डालें — अगर चारों तरफ़ बुलबुले स्थिर रूप से उठें और तेज़ न हो तो ताप सही है। तापमान सामान्यतः मध्यम-निम्न होना चाहिए (लगभग 160–175°C) — बहुत अधिक गरम होने पर बाहरी हिस्सा जल जाएगा और अंदर कच्चा रहेगा।
एक छोटा बैटर ड्रॉप करके टेस्ट करें — यदि बैटर तेजी से ऊपर उठकर सुनहरा हो रहा है और अंदर से कच्चापन न रह जाए तो ताप उपयुक्त है।
टिप: यदि आपके पास थर्मामीटर है तो 160–170°C सर्वोत्तम। गैस पर आँच को मध्यम रखें और पूरे तलने के दौरान ताप नियंत्रित रखें।
6.मालपुए को तलना
करछी या छोटी कटोरी से बैटर लें — पारंपरिक तरीके से करछी से घोल लेकर कड़ाही में गोल आकार में डालें। बैटर अपने आप गोलाकार फैल जाता है; यदि आप थोड़ा पतला और बड़े गोल पुआ चाहें तो करछी में बैटर और घी की सतह के बीच से धीरे बहा दें।
घोल डालते ही बैटर के किनारों से छोटे बुलबुले बनना शुरू होते हैं — यह संकेत है कि तलना शुरू हो गया। धीमी से मध्यम आँच रखें।
पहली साइड को तब तक तलें जब तक किनारा हल्का सुनहरा न हो और मध्य में छेद-छेद न दिखाई दें (लगभग 40–60 सेकंड, बैटर की मोटाई के अनुसार)। फिर स्पैचुला से धीरे पलटें और दूसरी साइड भी समान रूप से सुनहरी होने तक तलें (20–40 सेकंड)।
बाहर से सुनहरा-नारंगी रंग और हल्की कुरकुराहट चाहिए, पर अंदर नरमी बनी रहे — इसे हासिल करने के लिए ताप को नियंत्रित रखना ज़रूरी है।
तले हुए मालपुए को जाली चमचा से निकालकर किचन पेपर पर निकाल लें ताकि अतिरिक्त घी निकल जाए।
समस्याएँ और सुधार:अगर बाहर जल रहा है और अंदर कच्चा है → आँच कम करें।अगर बहुत तेल सोख रहा है → बैटर बहुत पतला है; थोड़ा मैदा मिलाकर गाढ़ा करें या घी का ताप थोड़ा बढ़ाएँ पर संतुलित रखें।
सही रंग पाने में देर हो रही है → घी का ताप थोड़ा बढ़ाएँ पर जलने से पहले ही निकालें।
चाशनी में भिगोना
चाशनी और मालपुए दोनों गरम होने चाहिए — यदि चाशनी ठंडी होगी तो मालपुआ चाशनी उतनी नहीं अवशोषित करेगा। और यदि चाशनी बहुत गर्म और पतली होगी तो मालपुए बहुत गीले बन सकते हैं। आदर्श: चाशनी गर्म और मध्यम गाढ़ी हो।
तले हुए मालपुए को गरम चाशनी में सीधे डालें — हर पुए को लगभग 30–60 सेकंड के लिए चाशनी में रखें ताकि वे अच्छे से भीग जाएँ। यदि आप रबड़ी के साथ परोस रहे हैं तो हल्का कम समय दें ताकि मालपुआ बहुत अधिक नरम न हो।
चाशनी में डालते समय चाशनी का ताप लगभग 60–70°C जैसा महसूस होना चाहिए — ज्यादा गरम चाशनी और बहुत लम्बा भिगोना दोनों से मालपुआ बहुत गीला हो सकता है।
टिप: चाशनी में भिगोने के बाद मालपुआ को प्लेट पर निकाल कर ऊपर से पिस्ता/बादाम छिड़कें। यदि आप रबड़ी डालने जा रहे हैं तो चाशनी में थोड़ी कम समय दें और रबड़ी पर रखें — इससे संतुलन अच्छा रहता है।
8 रबड़ी (यदि आप रबड़ी बनाना चाहें) — त्वरित विधि
500 मिली दूध को भारी तले की पैन में मध्यम आँच पर रखें। आँच धीमी रखें और दूध को तब तक उबालें जब तक आधा न रह जाए (30–40 मिनट)। बीच-बीच में किनारों से जमा मलाई को स्क्रैप कर वापस दूध में मिला दें।
छलनी में छीनी हुई चीनी (4–6 टेबलस्पून) डालकर स्वाद अनुसार मीठा कर लें। अंत में इलायची पाउडर और कटे हुए मेवे डालें।
रबड़ी को गाढ़ा और क्रीमी बनाना है; जब टेक्सचर गाढ़ा और चम्मच पर चढ़ने लायक हो जाए तो गैस बंद कर दें। रबड़ी को ठंडा होने पर मालपुए के साथ सर्व करें।
नोट: रबड़ी बनाना समय-साध्य है; आप बाजार की थिक कंडेंस्ड मिल्क से भी त्वरित रबड़ी बना सकते हैं — 1 भाग कंडेंस्ड मिल्क + 2 भाग उबला और थोड़ा ठंडा किया हुआ दूध + इलायची/नूट्स मिलाकर।
सर्विंग और सजाावट
गरम मालपुए को प्लेट पर रखें, ऊपर से थोड़ा केसर के तार, पिसा पिस्ता/बादाम और थोड़ी इलायची पाउडर छिड़कें।
रबड़ी के साथ परोसें: प्लेट पर पहले रबड़ी बिछाएँ और ऊपर मालपुआ रखें — या अलग बाउल में रबड़ी दें ताकि खाने वाला अपनी पसंद अनुसार ले सके।
कुछ लोकेशन में फिंगर फूड के रूप में छोटे मालपुए बनाए जाते हैं जो बच्चों और पार्टी में लोकप्रिय होते हैं।
सामान्य गलतियाँ और उनका त्वरित समाधान
बैटर बहुत पतला → मैदा/सूजी थोड़ी मात्रा में मिलाएँ।
बैटर ज़्यादा गाढ़ा → थोड़ा दूध मिलाकर पतलापन समायोजित करें।
मालपुआ अंदर कच्चा और बाहर जल गया → आँच कम रखें; बैटर में बेकिंग सोडा कम करें।
मालपुआ ज़्यादा तेल सोख रहा है → बैटर पतला है या घी बहुत ठंडा था; बैटर का गाढ़ापन जाँचें और तेल का ताप नियंत्रित करें।
चाशनी बहुत गाढ़ी/कड़ी हो गई → उसमें थोड़ा गर्म पानी मिलाएँ और फिर गरम कर लें।
चाशनी बहुत पतली है → थोड़ी और चीनी डालकर हल्की उबाल दें पर ध्यान रखें कि एक-तार से अधिक गाढ़ी न हो।