स्वाद और सेहत दोनों चाहिए? सत्तू पराठा रेसिपी बनाएं! इस पोस्ट में मिलेगी पूरी रेसिपी, अलग-अलग वैरायटी, पोषण जानकारी और परफेक्ट सर्विंग आइडियाज़।
भारत के पारंपरिक व्यंजनों में कुछ चीज़ें ऐसी हैं जो सिर्फ पेट नहीं भरतीं, बल्कि शरीर को ताकत, ठंडक और ऊर्जा भी देती हैं। सत्तू पराठा रेसिपी उन्हीं में से एक है। इसे कई लोग “गरीबों का बादाम” भी कहते हैं—क्योंकि यह सस्ता, आसानी से उपलब्ध और पोषण से भरपूर होता है। खासकर बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बंगाल के घरों में सत्तू पराठा रेसिपी एक आम लेकिन बहुत खास नाश्ता/भोजन है।
इस लेख में हम सत्तू पराठा रेसिपी का परिचय और इतिहास, सामग्री, बनाने की विधि (चरण-दर-चरण), वैराइटी, स्वास्थ्य लाभ, पोषण चार्ट, FAQs और अंत में निष्कर्ष—सब कुछ विस्तार से जानेंगे, ताकि आप इसे घर पर बिल्कुल सही तरीके से बना सकें।
1) सत्तू पराठा रेसिपी का परिचय
सत्तू यानी भुने हुए चने (या कई जगह जौ/चना मिश्रण) का बारीक आटा। यह न सिर्फ प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है, बल्कि गर्मियों में शरीर को ठंडक देने वाला प्राकृतिक भोजन भी माना जाता है।
जब इसी सत्तू को मसालों, प्याज, हरी मिर्च, धनिया, सरसों के तेल और नींबू के साथ मिलाकर भरावन बनाया जाता है और गेहूं के आटे की लोई में भरकर पराठा तैयार किया जाता है—तो बनता है सत्तू पराठा रेसिपी, जो स्वाद में दमदार और सेहत में नंबर-वन होता है।
सत्तू पराठा रेसिपी आज सिर्फ “गाँव का खाना” नहीं रहा। हेल्थ-कॉन्शियस लोग, फिटनेस करने वाले, और “प्राकृतिक/देसी डाइट” पसंद करने वाले लोग इसे बहुत पसंद कर रहे हैं।
2) सत्तू पराठा रेसिपी का इतिहास और परंपरा
सत्तू का इतिहास भारत में बहुत पुराना है। माना जाता है कि भुने हुए अनाज/दाल को पीसकर लंबे समय तक सुरक्षित रखने की परंपरा प्राचीन भारत में शुरू हुई थी। सत्तू खासकर उन क्षेत्रों में लोकप्रिय रहा जहाँ गर्मी ज्यादा होती है और लोग कम लागत में अधिक ऊर्जा चाहते हैं।
बिहार का सत्तू: पहचान और गर्व
बिहार में सत्तू सिर्फ खाना नहीं—संस्कृति है।
- खेतों में काम करने वाले मजदूरों के लिए यह जल्दी तैयार होने वाला “एनर्जी फूड” था।
- यात्रियों के लिए यह हल्का, लंबे समय तक टिकने वाला “ट्रैवल फूड” था।
- गर्मियों में लू (Heat Stroke) से बचने में मदद के कारण इसे घर-घर में अपनाया गया।
सत्तू पराठा रेसिपी विशेष रूप से बिहार में लोकप्रिय हुआ क्योंकि वहाँ गेहूं का पराठा और चने का सत्तू—दोनों आसानी से उपलब्ध थे। धीरे-धीरे यह व्यंजन झारखंड, यूपी और फिर पूरे भारत में फैलता गया।
3) सत्तू पराठा रेसिपी बनाने के लिए सामग्री (Ingredients)
यहाँ सामग्री को दो भागों में समझिए—आटा (डो) और भरावन (स्टफिंग)
A) आटे के लिए
- गेहूं का आटा – 2 कप
- नमक – स्वादानुसार
- तेल/घी – 1–2 चम्मच (मोयन के लिए, optional लेकिन अच्छा)
- गुनगुना पानी – जरूरत अनुसार (आटा गूंथने के लिए)
B) सत्तू की स्टफिंग के लिए
- सत्तू (भुने चने का आटा) – 1 कप
- प्याज (बारीक कटा) – 1 मध्यम
- हरी मिर्च (बारीक कटी) – 1–2
- हरा धनिया (कटा) – 2–3 चम्मच
- अदरक (कद्दूकस) – 1 चम्मच (optional)
- अजवाइन – ½ चम्मच
- जीरा – ½ चम्मच
- काला नमक – ½ चम्मच
- साधारण नमक – स्वाद अनुसार
- लाल मिर्च पाउडर – ½ चम्मच
- धनिया पाउडर – 1 चम्मच
- अमचूर/नींबू रस – 1–2 चम्मच (टेस्ट के अनुसार)
- सरसों का तेल – 1–2 चम्मच (बहुत जरूरी—असल स्वाद यही देता है)
- पानी – 3–5 चम्मच (भरावन को बाँधने के लिए, जरूरत अनुसार)
तड़का विकल्प (इच्छानुसार)
- 1 चम्मच तेल में जीरा + लहसुन तड़का देकर स्टफिंग में मिला सकते हैं।
4) सत्तू पराठा रेसिपी बनाने की विधि (Step-by-Step Recipe)
अब सबसे जरूरी हिस्सा—पराठा कैसे बनाएं कि फटे नहीं, सूखा न लगे, और अंदर का सत्तू स्वाद से भरपूर रहे।
Step 1: आटा गूंथना
- एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा लें।
- स्वादानुसार नमक डालें।
- चाहें तो 1–2 चम्मच तेल/घी डालकर मोयन दें।
- गुनगुने पानी से नरम और लचीला आटा गूंथ लें।
- आटे को 15–20 मिनट ढककर रख दें ताकि ग्लूटेन सेट हो जाए।
टिप: आटा सख्त होगा तो पराठा फटेगा और सूखा लगेगा। नरम आटा सबसे जरूरी है।
Step 2: सत्तू की स्टफिंग तैयार करना
- एक बर्तन में सत्तू लें।
- उसमें प्याज, हरी मिर्च, धनिया, अजवाइन, जीरा डालें।
- नमक, काला नमक, लाल मिर्च, धनिया पाउडर डालें।
- अब सरसों का तेल डालें—यही पराठा को “बिहारी टच” देता है।
- नींबू रस/अमचूर डालें।
- अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर मिश्रण को ऐसा बनाएं कि
- वो ज्यादा गीला न हो
- और ज्यादा सूखा भी न रहे
- मुट्ठी में दबाने पर लड्डू जैसा बंध जाए
- वो ज्यादा गीला न हो
टिप: स्टफिंग बहुत सूखी होगी तो रोल करते समय बाहर गिरेगी, और बहुत गीली होगी तो पराठा फट जाएगा।
Step 3: लोई बनाना और भरावन भरना
- आटे की मध्यम आकार की लोई बना लें।
- लोई को हल्का बेलकर कटोरी जैसा बनाएं।
- अब उसमें सत्तू भरावन भरें।
- किनारों को ऊपर लाकर प्लीट बनाते हुए बंद करें।
- हाथ से हल्का दबाकर चपटा करें।
टिप: लोई का बाहरी हिस्सा पतला और अंदर से भरपूर—यही सही बैलेंस है।
Step 4: पराठा बेलना (फटने से बचाने के तरीके)
- बंद लोई को सूखे आटे में लपेटें।
- बेलन से हल्के हाथ से बेलना शुरू करें।
- बीच-बीच में पलटते रहें।
- ज्यादा दबाव न डालें—धीरे-धीरे बेलें।
अगर थोड़ा फट भी जाए तो चिंता नहीं—उस पर सूखा आटा लगाकर हल्के हाथ से ठीक कर लें।
Step 5: पराठा सेंकना
- तवा गरम करें।
- पराठा डालें और मध्यम आंच पर 30–40 सेकंड सेंकें।
- पलटें।
- अब थोड़ा तेल/घी लगाएं।
- दोनों तरफ सुनहरे धब्बे आने तक सेंकें।
- पराठा फूले तो समझिए बढ़िया बना है।
असली स्वाद के लिए सरसों का तेल पराठा सेंकने में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
5) सत्तू पराठा रेसिपी की लोकप्रिय वैराइटी (Varieties)
सत्तू पराठा रेसिपी कई तरीकों से बनाया जाता है। नीचे 10 बढ़िया वैराइटी हैं:
1) क्लासिक बिहारी सत्तू पराठा
प्याज, मिर्च, धनिया, सरसों तेल, नींबू—बिल्कुल ओरिजिनल।
2) लहसुन सत्तू पराठा
भरावन में लहसुन का तड़का—स्वाद और भी बढ़ जाता है।
3) बिना प्याज-लहसुन सत्तू पराठा
व्रत/सात्विक भोजन के लिए—अजवाइन, जीरा और हरा धनिया से स्वाद।
4) पनीर-सत्तू मिक्स पराठा
सत्तू के साथ थोड़ा कद्दूकस पनीर—प्रोटीन हाई, बच्चों के लिए भी बढ़िया।
5) हरी चटनी फ्लेवर सत्तू पराठा
भरावन में हरी चटनी मिलाकर मसालेदार ट्विस्ट।
6) दही-मिक्स सत्तू पराठा
स्टफिंग में थोड़ा दही—पराठा और सॉफ्ट बनता है।
7) मसाला सत्तू पराठा
गरम मसाला/चाट मसाला के साथ—शहरों में ज्यादा पसंद किया जाता है।
8) मेथी सत्तू पराठा
आटे में मेथी मिलाकर—डायबिटीज वालों के लिए अच्छा विकल्प।
9) मल्टीग्रेन सत्तू पराठा
गेहूं + बाजरा + ज्वार के आटे से—फाइबर बढ़ता है।
10) तवा-पिज़्ज़ा स्टाइल सत्तू पराठा (Fusion)
ऊपर हल्का चीज़/सब्जियां डालकर—नई पीढ़ी को पसंद आता है।
6) सत्तू पराठा रेसिपी के स्वास्थ्य लाभ (Health Benefits)
सत्तू पराठा रेसिपी सिर्फ स्वाद नहीं—सेहत का पैकेज है।
1) प्रोटीन का अच्छा स्रोत
भुना चना प्रोटीन से भरपूर होता है।
- शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करता है
- बच्चों और युवाओं के लिए खास
2) लंबे समय तक ऊर्जा
सत्तू धीरे-धीरे पचता है, इसलिए
- जल्दी भूख नहीं लगती
- दिनभर एनर्जी बनी रहती है
3) पाचन के लिए लाभकारी
सत्तू में फाइबर होता है:
- कब्ज में राहत
- पेट साफ
- गैस/एसिडिटी में मदद (अगर मसाले संतुलित हों)
4) गर्मी में ठंडक और लू से बचाव
सत्तू शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है। गर्मियों में यह “नेचुरल कूलर” की तरह काम करता है।
5) वजन घटाने में सहायक
अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो:
- 1–2 सत्तू पराठा + दही
- भारी भोजन की जरूरत कम हो जाती है
6) डायबिटीज में फायदेमंद (सही मात्रा में)
सत्तू और गेहूं का कॉम्बिनेशन:
- फाइबर देता है
- ब्लड शुगर को एकदम तेजी से नहीं बढ़ाता
(लेकिन डायबिटीज में मात्रा और तेल पर कंट्रोल जरूरी है)
7) दिल के लिए बेहतर विकल्प
अगर आप इसे कम तेल/घी में बनाते हैं तो यह
- हेल्दी फैट
- फाइबर
देकर हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करता है।
7) सत्तू पराठा रेसिपी का पोषण चार्ट (Nutrition Chart)
नोट: ये आंकड़े अनुमानित हैं और सामग्री/तेल की मात्रा के अनुसार बदल सकते हैं।
1 मध्यम सत्तू पराठा (लगभग 120–140 ग्राम)
| पोषक तत्व | मात्रा (लगभग) |
| कैलोरी | 260–320 kcal |
| प्रोटीन | 10–14 g |
| कार्बोहाइड्रेट | 40–48 g |
| फाइबर | 6–9 g |
| फैट | 7–12 g |
| आयरन | 2–3 mg |
| कैल्शियम | 40–70 mg |
| पोटैशियम | 200–350 mg |
अगर आप घी कम करते हैं तो कैलोरी कम हो जाएगी।
अगर आप पनीर मिलाते हैं तो प्रोटीन बढ़ जाएगा।
8) सत्तू पराठा रेसिपी किसके साथ सबसे अच्छा लगता है? (Serving Ideas)
सत्तू पराठा रेसिपी के साथ ये कॉम्बिनेशन बहुत बढ़िया हैं:
- आम का अचार + दही
- टमाटर की चटनी
- हरी धनिया-पुदीना चटनी
- भुना बैंगन का चोखा (बिहारी कॉम्बो)
- छाछ / नमकीन लस्सी (गर्मी में)

सत्तू पराठा रेसिपी
Equipment
- सत्तू पराठा रेसिपी
Ingredients
A) आटे के लिए
- गेहूं का आटा – 2 कप
- नमक – स्वादानुसार
- तेल/घी – 1–2 चम्मच मोयन के लिए, optional लेकिन अच्छा
- गुनगुना पानी – जरूरत अनुसार आटा गूंथने के लिए
B) सत्तू की स्टफिंग के लिए
- सत्तू भुने चने का आटा – 1 कप
- प्याज बारीक कटा – 1 मध्यम
- हरी मिर्च बारीक कटी – 1–2
- हरा धनिया कटा – 2–3 चम्मच
- अदरक कद्दूकस – 1 चम्मच (optional)
- अजवाइन – ½ चम्मच
- जीरा – ½ चम्मच
- काला नमक – ½ चम्मच
- साधारण नमक – स्वाद अनुसार
- लाल मिर्च पाउडर – ½ चम्मच
- धनिया पाउडर – 1 चम्मच
- अमचूर/नींबू रस – 1–2 चम्मच टेस्ट के अनुसार
- सरसों का तेल – 1–2 चम्मच बहुत जरूरी—असल स्वाद यही देता है
- पानी – 3–5 चम्मच भरावन को बाँधने के लिए, जरूरत अनुसार
तड़का विकल्प (इच्छानुसार)
- 1 चम्मच तेल में जीरा + लहसुन तड़का देकर स्टफिंग में मिला सकते हैं।
Instructions
Step 1: आटा गूंथना
- एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा लें।
- स्वादानुसार नमक डालें।
- चाहें तो 1–2 चम्मच तेल/घी डालकर मोयन दें।
- गुनगुने पानी से नरम और लचीला आटा गूंथ लें।
- आटे को 15–20 मिनट ढककर रख दें ताकि ग्लूटेन सेट हो जाए।
- टिप: आटा सख्त होगा तो पराठा फटेगा और सूखा लगेगा। नरम आटा सबसे जरूरी है।
Step 2: सत्तू की स्टफिंग तैयार करना
- एक बर्तन में सत्तू लें।
- उसमें प्याज, हरी मिर्च, धनिया, अजवाइन, जीरा डालें।
- नमक, काला नमक, लाल मिर्च, धनिया पाउडर डालें।
- अब सरसों का तेल डालें—यही पराठा को “बिहारी टच” देता है।
- नींबू रस/अमचूर डालें।
- अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर मिश्रण को ऐसा बनाएं कि
- वो ज्यादा गीला न हो
- और ज्यादा सूखा भी न रहे
- मुट्ठी में दबाने पर लड्डू जैसा बंध जाए
- टिप: स्टफिंग बहुत सूखी होगी तो रोल करते समय बाहर गिरेगी, और बहुत गीली होगी तो पराठा फट जाएगा।
Step 3: लोई बनाना और भरावन भरना
- आटे की मध्यम आकार की लोई बना लें।
- लोई को हल्का बेलकर कटोरी जैसा बनाएं।
- अब उसमें सत्तू भरावन भरें।
- किनारों को ऊपर लाकर प्लीट बनाते हुए बंद करें।
- हाथ से हल्का दबाकर चपटा करें।
- टिप: लोई का बाहरी हिस्सा पतला और अंदर से भरपूर—यही सही बैलेंस है।
Step 4: पराठा बेलना (फटने से बचाने के तरीके)
- बंद लोई को सूखे आटे में लपेटें।
- बेलन से हल्के हाथ से बेलना शुरू करें।
- बीच-बीच में पलटते रहें।
- ज्यादा दबाव न डालें—धीरे-धीरे बेलें।
- अगर थोड़ा फट भी जाए तो चिंता नहीं—उस पर सूखा आटा लगाकर हल्के हाथ से ठीक कर लें।
Step 5: पराठा सेंकना
- तवा गरम करें।
- पराठा डालें और मध्यम आंच पर 30–40 सेकंड सेंकें।
- पलटें।
- अब थोड़ा तेल/घी लगाएं।
- दोनों तरफ सुनहरे धब्बे आने तक सेंकें।
- पराठा फूले तो समझिए बढ़िया बना है।
- असली स्वाद के लिए सरसों का तेल पराठा सेंकने में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
9) सत्तू पराठा रेसिपी बनाने में होने वाली आम गलतियाँ (Common Mistakes)
- आटा सख्त गूंथना → पराठा सूखा और फटने वाला
- स्टफिंग बहुत सूखी → भरावन बाहर गिरता है
- स्टफिंग बहुत गीली → पराठा चिपकता है और टूटता है
- तेज आंच → बाहर जलता है, अंदर कच्चा रह जाता है
- भरावन ज्यादा डालना → बेलते समय फट जाता है
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10) Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. क्या सत्तू पराठा रेसिपी रोज खा सकते हैं?
हाँ, अगर आप तेल/घी सीमित रखें और साथ में दही/सब्जी लें तो यह रोज भी खाया जा सकता है।
Q2. सत्तू पराठा रेसिपी बच्चों के लिए अच्छा है?
बिल्कुल। यह प्रोटीन और एनर्जी देता है। बच्चों के लिए मिर्च कम रखें।
Q3. क्या सत्तू पराठा वजन घटाने में मदद करता है?
हाँ, क्योंकि यह पेट को लंबे समय तक भरा रखता है। लेकिन पराठे में बहुत ज्यादा तेल/घी डालेंगे तो उल्टा असर हो सकता है।
Q4. क्या सत्तू पराठा डायबिटीज के मरीज खा सकते हैं?
हाँ, लेकिन 1 पराठा पर्याप्त है। साथ में दही/सलाद लें और तला हुआ कम रखें।
Q5. सत्तू पराठा फट क्यों जाता है?
मुख्य कारण:
- आटा सख्त
- स्टफिंग ज्यादा सूखी/गीली
- बेलने में ज्यादा दबाव
- भरावन अधिक
Q6. क्या बिना प्याज सत्तू पराठा बन सकता है?
हाँ। आप धनिया, अदरक, मिर्च और मसालों से स्वाद बना सकते हैं।
Q7. सत्तू कौन सा लेना चाहिए?
भुने चने का सत्तू सबसे अच्छा होता है। पैक्ड सत्तू लेते समय ताज़ा और खुशबूदार चुनें।
Q8. स्टफिंग में सरसों का तेल जरूरी है?
स्वाद के लिए बहुत जरूरी है। अगर सरसों तेल नहीं पसंद तो आप रिफाइंड/देसी घी भी उपयोग कर सकते हैं, लेकिन स्वाद थोड़ा बदल जाएगा।
Q9. क्या सत्तू पराठा लंच बॉक्स के लिए सही है?
हाँ, यह बहुत अच्छा विकल्प है। साथ में सूखी सब्जी/अचार दें।
Q10. क्या सत्तू पराठा ठंडा होने पर सख्त हो जाता है?
अगर आटा नरम हो और पराठा सही तरीके से सेंका गया हो, तो यह ज्यादा सख्त नहीं होता। चाहें तो पराठा बनाकर कपड़े में लपेटकर रखें।
अंतिम निष्कर्ष (Conclusion)
सत्तू पराठा भारतीय रसोई का ऐसा व्यंजन है जो स्वाद और सेहत—दोनों को एक साथ जोड़ता है। यह पारंपरिक होते हुए भी आज की तेज़ लाइफस्टाइल के लिए परफेक्ट है, क्योंकि यह जल्दी बनता है, लंबे समय तक पेट भरा रखता है और शरीर को मजबूत बनाता है।
अगर आप हेल्दी, बजट-फ्रेंडली और देसी सुपरफूड को अपनी डाइट में शामिल करना चाहते हैं, तो सत्तू पराठा आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। इसे दही, चटनी या चोखा के साथ खाइए—हर बार स्वाद भी मिलेगा और शरीर भी खुश रहेगा।