“राजगीरा हलवा रेसिपी – नवरात्रि स्पेशल हेल्दी और आसान रेसिपी”

“सीखें आसान और हेल्दी राजगीरा हलवा रेसिपी – नवरात्रि व्रत के लिए परफेक्ट, हाई प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम से भरपूर। स्टेप-बाय-स्टेप गाइड और हेल्थ बेनेफिट्स के साथ।”

राजगीरा हलवा रेसिपी का परिचय

भारतीय परंपरा में उपवास (व्रत) का एक विशेष स्थान है। नवरात्रि, एकादशी या किसी भी धार्मिक उपवास के दौरान शरीर को एनर्जी और संतुलित पोषण देने वाले खाद्य पदार्थों की ज़रूरत होती है। इन्हीं में से एक प्रमुख डिश है – राजगीरा हलवा रेसिपी।

राजगीरा को अंग्रेज़ी में Amaranth (अमरनाथ अनाज) कहा जाता है और इसे ग्लूटेन-फ्री सुपरफूड भी माना जाता है। यह न केवल व्रत में पचने में हल्का है बल्कि प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन से भरपूर होता है। जब इसे दूध, घी और ड्राई फ्रूट्स के साथ पकाकर हलवे के रूप में बनाया जाता है, तो यह स्वाद और सेहत का अद्भुत मेल बन जाता है।

आजकल राजगीरा हलवा रेसिपी सिर्फ व्रत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हेल्थ कॉन्शियस लोग इसे नाश्ते और डेज़र्ट के रूप में भी पसंद करने लगे हैं। यह बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक सभी के लिए पौष्टिक और स्वादिष्ट विकल्प है।

राजगीरा हलवा रेसिपी का इतिहास और महत्व

प्राचीन भारत में राजगीरा – राजगीरा को सदियों से आयुर्वेद में पचने में हल्का और ताकत देने वाला माना गया है।

धार्मिक महत्व – नवरात्रि और अन्य उपवासों में इसे इसलिए खाया जाता है क्योंकि यह सात्विक भोजन माना जाता है।

अमरनाथ अनाज का नाम – इसका नाम “अमरनाथ” का अर्थ है “अमर अनाज”, क्योंकि यह शरीर को जीवनदायी ऊर्जा देता है।

विदेशों में लोकप्रियता – आज अमेरिका और यूरोप में राजगीरा को super grain कहा जाता है और इसे ग्लूटेन-फ्री डायट में शामिल किया जाता है।

भारतीय घरों में परंपरा – खासकर उत्तर भारत और महाराष्ट्र में राजगीरा आटा और हलवा नवरात्रि व्रत का अहम हिस्सा है।

INGREDIENTS

  • राजगीरा आटा (Amaranth Flour) – 1 कप
  • देसी घी – 4 बड़े चम्मच
  • दूध – 2 कप (गर्म)
  • चीनी / शक्कर – ½ कप (स्वाद अनुसार)
  • इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
  • काजू, बादाम, पिस्ता – 2–3 बड़े चम्मच (कटा हुआ)
  • किशमिश – 1 बड़ा चम्मच

वैकल्पिक सामग्री (स्वाद के लिए):

  • गुड़ – चीनी की जगह इस्तेमाल कर सकते हैं (हेल्दी विकल्प)
  • केसर के रेशे – हलवे को रंग और सुगंध देने के लिए
  • नारियल बुरादा – स्वाद और टेक्सचर के लिए

राजगीरा हलवा रेसिपी बनाने की विधि

1. आटा भूनना

  • एक गहरे तले वाली कढ़ाई या पैन गरम करें।
  • इसमें 4 चम्मच घी डालें और गरम होने दें।
  • अब राजगीरा आटा डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए गोल्डन ब्राउन और खुशबू आने तक भूनें।
  • ध्यान रखें कि आटा जले नहीं, वरना स्वाद खराब हो जाएगा।

2. दूध मिलाना

  • अब इसमें धीरे-धीरे गरम दूध डालें और लगातार चलाते रहें।
  • अगर आप लगातार चलाएंगे तो इसमें गुठलियाँ नहीं बनेंगी।
  • दूध डालते ही आटा फूलने लगेगा और हलवे का टेक्सचर गाढ़ा होने लगेगा।

3. मिठास और फ्लेवर

  • जब हलवा थोड़ा गाढ़ा हो जाए, तब इसमें चीनी डालें और अच्छी तरह मिलाएँ।4–5 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएँ।
  • अब इसमें इलायची पाउडर और आधे कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डाल दें।

4. गार्निशिंग और सर्विंग

  • गैस बंद कर दें और हलवा को एक सर्विंग बाउल में निकाल लें।
  • ऊपर से काजू-बादाम-पिस्ता और किशमिश से सजाएँ।
  • गरम-गरम राजगीरा हलवा प्रसाद या डेज़र्ट के रूप में परोसें।

विशेष टिप्स

  • अगर आप हलवा और हेल्दी बनाना चाहते हैं तो गुड़ का इस्तेमाल करें।
  • हलवा को और समृद्ध बनाने के लिए इसमें केसर और नारियल बुरादा डाल सकते हैं।
  • दूध की जगह नारियल दूध डालकर हलवे को और स्वादिष्ट व व्रत-फ्रेंडली बना सकते हैं।
  • इसे व्रत के अलावा भी ब्रेकफास्ट स्वीट डिश के रूप में खाया जा सकता है।

राजगीरा हलवा रेसिपी की अलग-अलग वैराइटी

नारियल दूध वाला राजगीरा हलवा

  • इसमें दूध की जगह नारियल दूध का उपयोग किया जाता है।
  • यह हलवा न केवल व्रत-फ्रेंडली बन जाता है बल्कि हल्का और क्रीमी स्वाद देता है।
  • लैक्टोज इन्टॉलरेंस वाले लोग इसे आराम से खा सकते हैं।

गुड़ वाला राजगीरा हलवा

  • इसमें चीनी की जगह देशी गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है।
  • इससे हलवे का स्वाद देसी और हल्का-सा कैरामेल जैसा हो जाता है।
  • गुड़ आयरन और मिनरल्स से भरपूर होता है, जो ब्लड प्यूरीफिकेशन और हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है।

ड्राईफ्रूट स्पेशल राजगीरा हलवा

  • इस वर्ज़न में हलवे में भरपूर काजू, बादाम, पिस्ता और अखरोट डाले जाते हैं।
  • इसे “रिच राजगीरा हलवा” भी कहा जाता है।
  • यह खासतौर पर त्योहारों और पार्टी में सर्व करने के लिए बेहतरीन है।

शहद वाला राजगीरा हलवा

  • इसमें चीनी या गुड़ की जगह शुद्ध शहद मिलाया जाता है।
  • इससे हलवा न केवल हेल्दी बनता है बल्कि एक नेचुरल स्वीटनर का फ्लेवर भी मिलता है।
  • वेट लॉस करने वाले और डायबिटीज़ पेशेंट्स (सीमित मात्रा में) के लिए यह सही विकल्प है।

लो-फैट राजगीरा हलवा

  • इसमें घी की मात्रा कम करके या डेसिकेटेड कोकोनट ऑयल का उपयोग करके हलवा बनाया जाता है।
  • डायट कॉन्शियस और फिटनेस लवर्स के लिए यह एक हल्का लेकिन स्वादिष्ट वर्ज़न है।

केसर-इलायची राजगीरा हलवा

  • हलवे में दूध डालते समय केसर के धागे और इलायची पाउडर मिलाया जाता है।
  • इससे हलवे का स्वाद और सुगंध दोनों शाही हो जाते हैं।
  • इसे खासकर मेहमानों के लिए बनाया जा सकता है।

निष्कर्ष

राजगीरा हलवा रेसिपी को आप अपनी पसंद और डाइट के हिसाब से अलग-अलग तरीकों से बना सकते हैं। चाहे आप गुड़ और ड्राईफ्रूट्स वाला देसी स्वाद लें या लो-फैट और शहद वाला हेल्दी वर्ज़न, हर रूप में यह स्वादिष्ट और पौष्टिक ही रहेगा।

राजगीरा हलवा रेसिपी

राजगीरा हलवा रेसिपी

“सीखें आसान और हेल्दी राजगीरा हलवा रेसिपी – नवरात्रि व्रत के लिए परफेक्ट
Prep Time 10 minutes
Cook Time 15 minutes
Total Time 25 minutes
Course Dessert
Cuisine Indian
Servings 4 people
Calories 340 kcal

Equipment

  • राजगीरा हलवा रेसिपी

Ingredients
  

  • राजगीरा आटा Amaranth Flour – 1 कप
  • देसी घी – 4 बड़े चम्मच
  • दूध – 2 कप गर्म
  • चीनी / शक्कर – ½ कप स्वाद अनुसार
  • इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
  • काजू बादाम, पिस्ता – 2–3 बड़े चम्मच (कटा हुआ)
  • किशमिश – 1 बड़ा चम्मच
  • वैकल्पिक सामग्री स्वाद के लिए:
  • गुड़ – चीनी की जगह इस्तेमाल कर सकते हैं हेल्दी विकल्प
  • केसर के रेशे – हलवे को रंग और सुगंध देने के लिए
  • नारियल बुरादा – स्वाद और टेक्सचर के लिए

Instructions
 

राजगीरा हलवा रेसिपी बनाने की विधि

    आटा भूनना

    • एक गहरे तले वाली कढ़ाई या पैन गरम करें।
    • इसमें 4 चम्मच घी डालें और गरम होने दें।
    • अब राजगीरा आटा डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए गोल्डन ब्राउन और खुशबू आने तक भूनें।
    • ध्यान रखें कि आटा जले नहीं, वरना स्वाद खराब हो जाएगा।

    दूध मिलाना

    • अब इसमें धीरे-धीरे गरम दूध डालें और लगातार चलाते रहें।
    • अगर आप लगातार चलाएंगे तो इसमें गुठलियाँ नहीं बनेंगी।
    • दूध डालते ही आटा फूलने लगेगा और हलवे का टेक्सचर गाढ़ा होने लगेगा।

    मिठास और फ्लेवर

    • जब हलवा थोड़ा गाढ़ा हो जाए, तब इसमें चीनी डालें और अच्छी तरह मिलाएँ।4–5 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएँ।
    • अब इसमें इलायची पाउडर और आधे कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डाल दें।

    गार्निशिंग और सर्विंग

    • गैस बंद कर दें और हलवा को एक सर्विंग बाउल में निकाल लें।
    • ऊपर से काजू-बादाम-पिस्ता और किशमिश से सजाएँ।
    • गरम-गरम राजगीरा हलवा प्रसाद या डेज़र्ट के रूप में परोसें।

    विशेष टिप्स

    • अगर आप हलवा और हेल्दी बनाना चाहते हैं तो गुड़ का इस्तेमाल करें।
    • हलवा को और समृद्ध बनाने के लिए इसमें केसर और नारियल बुरादा डाल सकते हैं।
    • दूध की जगह नारियल दूध डालकर हलवे को और स्वादिष्ट व व्रत-फ्रेंडली बना सकते हैं।
    • इसे व्रत के अलावा भी ब्रेकफास्ट स्वीट डिश के रूप में खाया जा सकता है।
    Keyword राजगीरा हलवा रेसिपी

    राजगीरा हलवा रेसिपी के स्वास्थ्य लाभ

    राजगीरा हलवा रेसिपी सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि सेहत के लिहाज़ से भी बेहद फायदेमंद है। खासकर व्रत, उपवास और नवरात्रि में इसे खाने का चलन इसलिए है क्योंकि यह ताक़त, एनर्जी और पोषण का भरपूर स्रोत है। आइए इसके स्वास्थ्य लाभों को विस्तार से जानते हैं –

    1. उच्च प्रोटीन और ऊर्जा का स्रोत

    राजगीरा आटे में भरपूर प्लांट-बेस्ड प्रोटीन पाया जाता है।यह शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करता है।लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है।व्रत के दौरान थकान और कमजोरी को दूर करता है।इसलिए राजगीरा हलवा जिम जाने वाले या रोज़ाना शारीरिक मेहनत करने वालों के लिए भी अच्छा विकल्प है।

    2. आयरन और कैल्शियम से भरपूर

    राजगीरा हलवा में आयरन होता है जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने और एनीमिया से बचाने में मदद करता है।इसमें कैल्शियम भी भरपूर है, जो हड्डियों और दाँतों को मजबूत बनाता है।बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए यह एक बेहतरीन हेल्दी मिठाई है।

    3. हार्ट-फ्रेंडली रेसिपी

    राजगीरा आटे में कोलेस्ट्रॉल कम करने वाले तत्व पाए जाते हैं।इसमें मौजूद मैग्नीशियम दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है।देसी घी और सूखे मेवे मिलकर इसे हार्ट हेल्दी डिश बना देते हैं।

    4. ग्लूटेन-फ्री सुपरफूड

    राजगीरा पूरी तरह से ग्लूटेन-फ्री है, इसलिए जिन्हें गेहूँ से एलर्जी है उनके लिए यह सबसे अच्छा विकल्प है।ग्लूटेन-फ्री डाइट चाहने वाले लोग इसे आराम से खा सकते हैं।

    5. दिमाग और मेमोरी के लिए लाभकारी

    इसमें मौजूद एमिनो एसिड लाइसिन दिमागी क्षमता और मेमोरी को तेज करता है।बच्चों के मस्तिष्क विकास के लिए यह फायदेमंद है।

    6. व्रत में पाचन सुधारता है

    राजगीरा हलवा आसानी से पचने वाला व्यंजन है।इसमें फाइबर अच्छी मात्रा में होता है, जो कब्ज़ दूर करता है और पाचन क्रिया को सही रखता है।व्रत में हल्का भोजन लेने वालों के लिए यह एनर्जी और पाचन दोनों संतुलित करता है।

    7. रोग प्रतिरोधक क्षमता

    इसमें विटामिन A, C और E मौजूद होते हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।ड्राई फ्रूट्स और घी मिलकर इसे इम्यूनिटी बढ़ाने वाला सुपरफूड बना देते हैं।

    8. ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मददगार

    राजगीरा हलवा में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है।यह धीरे-धीरे एनर्जी रिलीज करता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता।डायबिटीज़ रोगी (शुगर पेशेंट) भी इसे सीमित मात्रा में खा सकते हैं।

    9. स्ट्रेस और थकान कम करता है

    इसमें मौजूद ट्रिप्टोफैन अमीनो एसिड मूड को अच्छा करने में मदद करता है।राजगीरा हलवा खाने से तनाव और थकान दूर होती है और दिमाग रिलैक्स महसूस करता है।

    10. बच्चों और बुजुर्गों के लिए पावरफुल डाइट

    बच्चों को यह तुरंत एनर्जी देता है और ग्रोथ में मदद करता है।बुजुर्गों के लिए यह हल्का, सुपाच्य और पौष्टिक भोजन है।सर्दियों में खाने से शरीर गर्म रहता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

    Related Post

    राजगीरा हलवा रेसिपी का पोषण चार्ट

    राजगीरा हलवा रेसिपी सिर्फ स्वादिष्ट मिठाई ही नहीं बल्कि पोषण से भरपूर सुपरफूड भी है। नीचे दिया गया चार्ट 100 ग्राम राजगीरा हलवा रेसिपी (घी, दूध, चीनी और ड्राईफ्रूट्स सहित) के आधार पर है –

    पोषक तत्वमात्रास्वास्थ्य लाभ
    कैलोरी 320-340 kcal ऊर्जा प्रदान करता है, व्रत में थकान दूर करता है
    कार्बोहाइड्रेट 55-60 g एनर्जी का मुख्य स्रोत
    प्रोटीन 7-9 g मांसपेशियाँ मजबूत, ग्रोथ में मददगार
    वसा 10-12 g शरीर को ताक़त और गर्मी देता है
    फाइबर 3-4 g पाचन तंत्र को सही रखता है, कब्ज़ दूर करता है
    कैल्शियम 70-90 mg हड्डियों और दाँतों को मजबूत करता है
    आयरन 3-4 mg हीमोग्लोबिन बढ़ाता है, एनीमिया से बचाता है
    मैग्नीशियम 70-80 mg हृदय और नसों के लिए अच्छा
    फॉस्फोरस 100-120 mg हड्डियों और मांसपेशियों के लिए लाभकारी
    पोटैशियम 250-300 mg ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है
    सोडियम 30-40 mg इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखता है
    विटामिन A 50-60 IU आँखों और त्वचा के लिए अच्छा
    विटामिन C 2-3 mg इम्यूनिटी बढ़ाता है
    विटामिन E 0.5-1 mg एंटीऑक्सीडेंट, स्किन हेल्थ के लिए उपयोगी
    फोलेट 25-30 mcg रक्त निर्माण और गर्भवती महिलाओं के लिए लाभकारी

    खास बातें

    लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स: डायबिटिक रोगियों के लिए सीमित मात्रा में सुरक्षित।

    ग्लूटेन-फ्री: जिन्हें गेहूँ से एलर्जी है उनके लिए बेस्ट ऑप्शन।

    हाई प्रोटीन + हाई कैल्शियम: बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए हेल्दी।

    एनर्जी बूस्टर: उपवास में दिनभर सक्रिय रखने वाला व्यंजन।

    राजगीरा हलवा रेसिपी – सामान्य प्रश्नोत्तर (FAQs)

    Q1. राजगीरा हलवा रेसिपी क्या है

    A राजगीरा हलवा रेसिपी एक पारंपरिक भारतीय मिठाई है, जो राजगीरा आटे से बनाई जाती है। यह हल्का, सुपाच्य और पोषण से भरपूर व्यंजन है। खासकर नवरात्रि, एकादशी और अन्य व्रतों में इसे खाना प्रचलित है। यह हलवा बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए ऊर्जा और ताकत प्रदान करता है।

    Q2. क्या राजगीरा हलवा रेसिपी व्रत में खाया जा सकता है

    A जी हाँ। राजगीरा हलवा रेसिपी व्रत में खाने के लिए उपयुक्त माना जाता है क्योंकि इसमें गेहूँ या अन्य अनाज का ग्लूटेन नहीं होता। यह हलवा पेट में हल्का रहता है और दिनभर ऊर्जा देता है।

    Q3. राजगीरा आटा कहाँ से खरीद सकते हैं

    A राजगीरा आटा आसानी से किराना स्टोर, ऑर्गेनिक शॉप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिल जाता है। इसके अलावा आप इसे सुपरमार्केट के हेल्दी अनाज सेक्शन में भी पा सकते हैं।

    Q4. क्या डायबिटीज़ वाले लोग इसे खा सकते हैं

    A हाँ, लेकिन इसमें चीनी की जगह गुड़ या शहद इस्तेमाल करना बेहतर रहता है। सीमित मात्रा में सेवन से यह ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने नहीं देता और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है।

    Q5. राजगीरा हलवा बनाने में कितना समय लगता है

    A राजगीरा हलवा एक आसान और क्विक रेसिपी है। लगभग 20–25 मिनट में यह तैयार हो जाता है। भुनने और दूध/गुड़ डालने की प्रक्रिया में ध्यान रखें कि आटा जले नहीं।

    Q6. दूध की जगह क्या इस्तेमाल कर सकते हैं

    आप दूध की जगह पानी, नारियल दूध या लो-फैट दूध का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे हलवा हल्का और व्रत-फ्रेंडली बन जाता है।

    Q7. हलवा कितने दिन तक स्टोर किया जा सकता है

    A ताज़ा हलवा हमेशा स्वादिष्ट रहता है। फ्रिज में 2 दिन तक स्टोर किया जा सकता है। ज्यादा दिन रखने से हलवा सूख सकता है और स्वाद बदल सकता है।

    Q8. क्या यह छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित है

    A हां, राजगीरा हलवा रेसिपी बच्चों के लिए भी सुरक्षित और पौष्टिक है। इसमें कैल्शियम, आयरन और प्रोटीन अच्छी मात्रा में होते हैं, जो हड्डियों और मांसपेशियों के विकास में मदद करते हैं।

    Q9. क्या राजगीरा हलवा रेसिपी वजन बढ़ाता है

    A यदि इसमें अधिक घी और चीनी डाली जाए तो यह कैलोरी बढ़ा सकता है। लेकिन गुड़, नारियल दूध और ड्राईफ्रूट्स के साथ बनाया गया हलवा वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है।

    Q10. राजगीरा हलवा रेसिपी का सबसे हेल्दी वर्ज़न कौन सा है

    A सबसे हेल्दी वर्ज़न वह है जिसमें गुड़, नारियल दूध और ड्राईफ्रूट्स डाले जाते हैं। यह हलवा स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पोषण से भरपूर और व्रत के लिए बिल्कुल उपयुक्त है।

    राजगीरा हलवा रेसिपी का अंतिम निष्कर्ष

    राजगीरा हलवा केवल स्वाद में ही लाजवाब नहीं है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद है। यह हलवा राजगीरा (Amaranth) के पोषक तत्वों, जैसे कि प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और फाइबर से भरपूर होता है। इसे घी और गुड़ या शहद के साथ बनाने से हलवा ऊर्जा से भरपूर और आसानी से पचने वाला बन जाता है।

    विशेषकर नवरात्रि या उपवास के दौरान यह हलवा एक उत्तम विकल्प है, क्योंकि इसमें कोई अनाज या आम अनहेल्दी तत्व नहीं होता और यह शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करता है। साथ ही, यह हलवा बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी पौष्टिक स्नैक की तरह काम करता है।

    यदि आप इसे नियमित रूप से अपने आहार में शामिल करें, तो यह न केवल स्वादिष्ट बल्कि स्वस्थ और एनर्जी-बूस्टिंग डिश साबित होगा। कुल मिलाकर, राजगीरा हलवा एक ऐसा व्यंजन है जो पोषण, स्वाद और पारंपरिक महत्व तीनों को संतुलित करता है।

    राजगीरा हलवा रेसिपी

    Leave a comment

    Recipe Rating