“मूंग दाल चिल्ला एक हेल्दी, प्रोटीन-रिच और लो-कैलोरी भारतीय डिश है, जो वजन घटाने, डायबिटीज कंट्रोल और पाचन सुधार में मददगार है। जानें इसके स्वास्थ्य लाभ, पोषण और FAQs।”
परिचय (Introduction)
भारतीय रसोई की विविधता और पोषण से भरपूर व्यंजनों में मूंग दाल चिल्ला रेसिपी एक ऐसा व्यंजन है जिसे हर आयु वर्ग के लोग पसंद करते हैं। यह एक हेल्दी, लो-कैलोरी, हाई-प्रोटीन और झटपट बनने वाली डिश है जिसे नाश्ते, लंच या डिनर में भी परोसा जा सकता है।
मूंग दाल से बना चिल्ला न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होता है, बल्कि यह डायबिटीज, वजन कम करने वालों और बच्चों के लिए भी फायदेमंद होता है। इस लेख में हम जानेंगे मूंग दाल चिल्ला रेसिपी की विस्तृत रेसिपी, उसके फायदे, वेरिएशंस, परोसने के तरीके और कुछ खास टिप्स।
मूंग दाल चिल्ला रेसिपी का इतिहास
मूंग दाल चिल्ला भारत की पारंपरिक और प्राचीन व्यंजनों में से एक है, जिसकी जड़ें भारतीय ग्रामीण रसोई और आयुर्वेदिक खान-पान परंपराओं में मिलती हैं। माना जाता है कि इसका इतिहास सैकड़ों साल पुराना है, जब दालों को सिर्फ दाल-भात के रूप में ही नहीं, बल्कि अलग-अलग तरीकों से प्रयोग करने की परंपरा शुरू हुई।
प्राचीन काल में, खासकर उत्तर भारत (राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार) और मध्य भारत में किसान वर्ग और श्रमिक समुदाय को लंबे समय तक ऊर्जा देने वाले, सस्ते और पौष्टिक भोजन की आवश्यकता होती थी। मूंग दाल, जो आसानी से उपलब्ध और जल्दी पकने वाली दाल है, को पीसकर मसालों के साथ मिलाकर तवे पर पकाने की पद्धति विकसित हुई, जिसे आज हम “चिल्ला” के नाम से जानते हैं।
आयुर्वेदिक संदर्भ में, मूंग दाल को “त्रिदोष शांति” (वात, पित्त, कफ संतुलन) के लिए उपयुक्त माना गया है। यह हल्की, सुपाच्य और प्रोटीन से भरपूर है, इसलिए इसे उपवास, रोग-निवारण और पुनर्वास आहार में शामिल किया जाता था।
समय के साथ, मूंग दाल चिल्ला अलग-अलग क्षेत्रों में अपने-अपने स्वाद और सामग्री के अनुसार बदलता गया —
राजस्थान में इसे अधिक मसालेदार और चटपटा बनाया जाता है।
उत्तर प्रदेश में इसमें पनीर, हरी सब्जियां भरकर “स्टफ्ड चिल्ला” बनाया जाने लगा।
गुजरात में इसका मीठा संस्करण भी देखने को मिलता है, जिसमें हल्का गुड़ या मेथी पत्ते डाले जाते हैं।
आज, मूंग दाल चिल्ला को हेल्दी स्नैक, डायट फूड और ग्लूटेन-फ्री नाश्ते के रूप में दुनिया भर में पसंद किया जाता है। यह पारंपरिक भारतीय व्यंजन होते हुए भी, आधुनिक “हाई-प्रोटीन ब्रेकफास्ट” की श्रेणी में आता है।
मूंग दाल चिल्ला रेसिपी क्या है?
मूंग दाल चिल्ला एक प्रकार का नमकीन पैनकेक होता है जिसे मूंग दाल पीसकर बनाए गए घोल से तवे पर सेंका जाता है। इसे “वीगन ओमलेट” भी कहा जाता है। यह उत्तर भारत में खासकर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, और उत्तर प्रदेश में बहुत लोकप्रिय है।
Ingredients
मुख्य सामग्री:
- मात्रामूंग दाल (छिलका हटाकर पीली)1 कप
- हरी मिर्च2 बारीक कटी हुई
- अदरक1 इंच टुकड़ा
- लहसुन (वैकल्पिक)2-3 कलियाँ
- हरा धनिया2 बड़े चम्मच
- प्याज (बारीक कटा)1 माध्यम
- नमकस्वाद अनुसार
- लाल मिर्च पाउडर½ छोटा चम्मच
- हल्दी पाउडर¼ छोटा चम्मच
- हींग (वैकल्पिक)चुटकी भर
- जीरा½ छोटा चम्मचतेलसेंकने के लिए
तैयारी का समय:
भिगोने का समय: 3-4 घंटे या रातभर
तैयारी का समय: 10 मिनट
पकाने का समय: 15-20 मिनट
कुल समय: लगभग 30 मिनट + भिगोने का समय

मूंग दाल चिल्ला रेसिपी बनाने की विधि (Step-by-step Recipe
1. दाल भिगोना और पीसना:
- मूंग दाल को साफ करके 2 से 3 पानी से अच्छी तरह धोकर 3-4 घंटे या रातभर पानी में भिगो दें।
- दाल फूल जाने पर पानी निकाल दें फिर अच्छी तरह 2 से 3 पानी से धो ले और उसे मिक्सी में हरी मिर्च, अदरक और लहसुन के साथ डालकर पीस लें।
- ध्यान दें: दाल को बहुत ज्यादा पतला न करें। घोल थोड़ा गाढ़ा होना चाहिए।
2. घोल में मसाले मिलाना:
- पिसी हुई दाल में नमक, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, हींग, और जीरा डालें।
- बारीक कटा प्याज और हरा धनिया भी मिलाएं।
- यदि आप चाहें तो कटा हुआ टमाटर और शिमला मिर्च भी मिला सकते हैं।
- सभी को डालकर अच्छी तरह फेट ले।
3. तवा गरम करना:
- एक नॉन-स्टिक तवा या लोहे की तवा लें और मध्यम आंच पर गरम करें।
- जब तवा गरम हो जाए तब थोड़ा सा तेल लगाकर तवे को चिकना करें।
4. चिल्ला बनाना:
- तैयार घोल से एक करछी तवे पर डालें और हल्के हाथों से फैलाएं। ध्यान दे डोसा के तरह एकदम से पतला नहीं करना है।
- ऊपर से साइड मे थोड़ा तेल डालें और 2-3 मिनट तक सेंकें।
- जब निचला भाग सुनहरा हो जाए तो चिल्ला को पलटें और दूसरी ओर से भी सेंकें।
5. परोसना:
- गरमागरम मूंग दाल चिल्ला रेसिपी को दही, हरी चटनी, या टमाटर की चटनी के साथ परोसें।
मूंग दाल चिल्ला रेसिपी के स्वास्थ्य सम्बंधित लाभ
मूंग दाल चिल्ला एक बेहद पौष्टिक, हल्का और आसानी से पचने वाला भारतीय व्यंजन है, जो न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है।
1. प्रोटीन से भरपूर
मूंग दाल में उच्च मात्रा में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन होता है, जो मांसपेशियों की वृद्धि, टिश्यू रिपेयर और ऊर्जा प्रदान करने के लिए जरूरी है।यह वेजिटेरियन लोगों के लिए प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है।
2. पाचन के लिए लाभकारी
मूंग दाल हल्की और आसानी से पचने वाली दाल है, जिससे पेट पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ता।इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर आंतों की सफाई करता है और कब्ज से बचाव करता है।
3. वजन नियंत्रण में मददगार
यह लो कैलोरी और हाई प्रोटीन डिश है, जो लंबे समय तक पेट भरा रखती है।फाइबर और प्रोटीन का यह संयोजन अनावश्यक स्नैकिंग को कम करता है और वजन घटाने में मदद करता है।
4. हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा
मूंग दाल में कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित रखने वाले पोषक तत्व पाए जाते हैं।इसमें मैग्नीशियम और पोटैशियम होता है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है और हृदय रोग के जोखिम को कम करता है।
5. डायबिटीज में लाभदायक
मूंग दाल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाता।नियमित सेवन से ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद मिलती है।
6. हड्डियों और दांतों के लिए फायदेमंद
मूंग दाल में कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत रखते हैं।
7. त्वचा और बालों के लिए अच्छा
इसमें मौजूद विटामिन B और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा की चमक बढ़ाते हैं और बालों की मजबूती में सहायक होते हैं।
8. इम्यूनिटी बूस्टर
मूंग दाल में मौजूद विटामिन C, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।यह मौसमी बीमारियों जैसे सर्दी-जुकाम से बचाव करता है।
9. बच्चों और बुजुर्गों के लिए उपयुक्त
हल्का, मुलायम और पौष्टिक होने के कारण यह बच्चों और बुजुर्गों के लिए आदर्श भोजन है।यह ऊर्जा और पोषण का संतुलित स्रोत है।
10. ग्लूटेन-फ्री विकल्प
मूंग दाल चिल्ला में गेहूं का आटा नहीं होता, इसलिए यह ग्लूटेन एलर्जी वाले लोगों के लिए सुरक्षित है।
मूंग दाल चिल्ला रेसिपी को और स्वादिष्ट बनाने के टिप्स
- चिल्ला को क्रिस्पी बनाने के लिए थोड़ा चावल का आटा या सूजी मिला सकते हैं।
- बच्चों के लिए चिल्ला में चीज़ या पनीर भरकर परोस सकते हैं।
- हरी सब्ज़ियाँ (पालक, मेथी, गाजर) मिलाकर इसे और हेल्दी बना सकते हैं।
- तवा बहुत गरम न हो वरना चिल्ला जल सकता
मूंग दाल चिल्ला रेसिपी के वेरिएशंस
1. स्टफ्ड चिल्ला (भरवां चिल्ला)
बीच में पनीर भुर्जी या आलू मसाला भरकर परोसा जाता है।
2. स्प्राउट्स चिल्ला
अंकुरित मूंग का उपयोग करके और अधिक पोषक बनाएं।
3. पालक मूंग चिल्ला
पालक की प्यूरी मिलाकर चिल्ला को हरे रंग का और आयरन युक्त बनाएं।
4. ओट्स मूंग चिल्ला
हेल्दी डायट के लिए ओट्स पाउडर मिलाएं।
बच्चों के टिफिन के लिए चिल्ला
बच्चों को चिल्ला टिफिन में देना हो तो उसमें चीज़, कॉर्न, और थोड़ा टमाटर केचप डालें।
चटनी या दही के साथ दें ताकि स्वाद भी बना रहे और पौष्टिकता भी।
कैसे परोसें? (Serving Suggestions)
साथ परोसे जाने वाली चीज़ें
हरी चटनी
दही
टमाटर की चटनी
नींबू का रसअचार

मूंग दाल चिल्ला रेसिपी
Equipment
- Try Pan
Ingredients
- मात्रामूंग दाल छिलका हटाकर पीली1 कप
- हरी मिर्च2 बारीक कटी हुई
- अदरक1 इंच टुकड़ा
- लहसुन वैकल्पिक2-3 कलियाँ
- हरा धनिया2 बड़े चम्मच
- प्याज बारीक कटा1 माध्यम
- नमकस्वाद अनुसार
- लाल मिर्च पाउडर½ छोटा चम्मच
- हल्दी पाउडर¼ छोटा चम्मच
- हींग वैकल्पिकचुटकी भर
- जीरा½ छोटा चम्मचतेलसेंकने के लिए
Instructions
दाल भिगोना और पीसना:
- मूंग दाल को साफ करके 2 से 3 पानी से अच्छी तरह धोकर 3-4 घंटे या रातभर पानी में भिगो दें।
- दाल फूल जाने पर पानी निकाल दें फिर अच्छी तरह 2 से 3 पानी से धो ले और उसे मिक्सी में हरी मिर्च, अदरक और लहसुन के साथ डालकर पीस लें।
- ध्यान दें: दाल को बहुत ज्यादा पतला न करें। घोल थोड़ा गाढ़ा होना चाहिए।
घोल में मसाले मिलाना:
- पिसी हुई दाल में नमक, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, हींग, और जीरा डालें।
- बारीक कटा प्याज और हरा धनिया भी मिलाएं।
- यदि आप चाहें तो कटा हुआ टमाटर और शिमला मिर्च भी मिला सकते हैं।
- सभी को डालकर अच्छी तरह फेट ले।
तवा गरम करना:
- एक नॉन-स्टिक तवा या लोहे की तवा लें और मध्यम आंच पर गरम करें।
- जब तवा गरम हो जाए तब थोड़ा सा तेल लगाकर तवे को चिकना करें।
चिल्ला बनाना:
- तैयार घोल से एक करछी तवे पर डालें और हल्के हाथों से फैलाएं। ध्यान दे डोसा के तरह एकदम से पतला नहीं करना है।
- ऊपर से साइड मे थोड़ा तेल डालें और 2-3 मिनट तक सेंकें।
- जब निचला भाग सुनहरा हो जाए तो चिल्ला को पलटें और दूसरी ओर से भी सेंकें।
परोसना:
- गरमागरम मूंग दाल चिल्ला को दही, हरी चटनी, या टमाटर की चटनी के साथ परोसें।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1 क्या मूंग दाल चिल्ला रेसिपी को डायबिटीज के मरीज का सकते हैं
हाँ, बिल्कुल! इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और शुगर कंट्रोल में मदद करता है इसलिए इसे डायबिटीज के मरीज आसानी से अपने आहार में शामिल कर इसे खा सकते हैं।
Q2 क्या मूंग दाल चिल्ला रेसिपी को रात में खाया जा सकता है
हाँ, यह हल्का और पचने में आसान है। रात को भी खा सकते हैं।
Q3 क्या इसे बिना लहसुन प्याज के बनाया जा सकता है
जी हाँ, व्रत या सत्त्विक भोजन के अनुसार इसे बिना प्याज-लहसुन भी बना सकते हैं जो लोग अपने भोजन में लहसुन प्याज खाना पसंद नहीं करते हैं वे लोग भी इसे अपने आहार में बिना लहसुन प्याज के शामिल कर सकते हैं।
4. क्या मूंग दाल चिल्ला रेसिपी प्रोटीन डाइट में शामिल किया जा सकता है
बिल्कुल, इसमें उच्च मात्रा में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन होता है, जो मसल बिल्डिंग और बॉडी रिपेयर के लिए अच्छा है।
5. मूंग दाल चिल्ला रेसिपी में और क्या मिला सकते हैं ताकि यह और हेल्दी बने
आप इसमें पालक, गाजर, शिमला मिर्च, पनीर, हरी मटर जैसी सब्जियाँ मिला सकते हैं। इससे इसमें विटामिन, मिनरल और फाइबर बढ़ जाएगा।
6. क्या मूंग दाल चिल्ला रेसिपी बच्चों के लिए सही है
हाँ, यह हल्का, मुलायम और पौष्टिक है, जिससे यह स्कूल टिफिन के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।
7. क्या इसे बिना तेल के बनाया जा सकता है
हाँ, नॉन-स्टिक पैन में आप बहुत कम या बिना तेल के मूंग दाल चिल्ला बना सकते हैं, जिससे यह और हेल्दी होगा।
8. क्या मूंग दाल चिल्ला रेसिपी ग्लूटेन-फ्री है
हाँ, इसमें गेहूं का आटा नहीं होता, इसलिए यह ग्लूटेन एलर्जी वाले लोगों के लिए सुरक्षित है।
निष्कर्ष (Conclusion)
मूंग दाल चिल्ला रेसिपी भारतीय रसोई का एक बहुपयोगी, स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट विकल्प है। यह एक आदर्श नाश्ता है जो हर मौसम, हर आयु वर्ग और हर स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अनुकूलित किया जा सकता है।यदि आप वजन घटा रहे हैं, डायबिटीज से जूझ रहे हैं, या बच्चों को पोषणयुक्त विकल्प देना चाहते हैं – मूंग दाल चिल्ला एक बेहतरीन उपाय है। अपने किचन में ज़रूर ट्राई करें और इसे अपने खान-पान का नियमित हिस्सा बनाएं।
अगर इसे कम तेल और ताज़ी सब्जियों के साथ बनाया जाए तो यह नाश्ते या रात के हल्के भोजन के लिए एक परफेक्ट हेल्दी ऑप्शन बन सकता है। नियमित रूप से अपने आहार में मूंग दाल चिल्ला शामिल करना आपकी इम्यूनिटी, ऊर्जा और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करेगा।