बेसन चिल्ला रेसिपी – प्रोटीन और फाइबर से भरपूर हेल्दी ब्रेकफास्ट। जानें बनाने की विधि, फायदे, पोषण चार्ट और वैराइटी।
बेसन चिल्ला रेसिपी का परिचय
बेसन चिल्ला रेसिपी जिसे हिंदी में कई लोग “बेसन का चीला” भी कहते हैं, भारतीय नाश्तों में सबसे आसान, हेल्दी और लोकप्रिय डिश है। यह एक तरह का इंडियन नमकीन पैनकेक है, जो चने की दाल के आटे (बेसन) से बनाया जाता है। इसमें हल्के मसाले, हरी मिर्च और सब्ज़ियाँ डालकर इसे और स्वादिष्ट बनाया जाता है।
सुबह के नाश्ते में जब जल्दी कुछ पौष्टिक और पेट भरने वाला बनाना हो तो बेसन चिल्ला रेसिपी सबसे अच्छा विकल्प है। इसे बनाने में कम समय लगता है, तेल की जरूरत भी बहुत कम पड़ती है और इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि बच्चे हों या बड़े – हर किसी को पसंद आता है।
भारत के अलग-अलग राज्यों में इसे अलग-अलग नामों और तरीकों से बनाया जाता है। कहीं इसे सिर्फ बेसन और मसालों से बनाया जाता है, तो कहीं इसमें पालक, प्याज़, गाजर, पत्तागोभी या पनीर मिलाकर हेल्दी वैराइटी तैयार की जाती है।
बेसन चिल्ला रेसिपी को अक्सर हरी चटनी, दही या टोमैटो सॉस के साथ परोसा जाता है। यह न सिर्फ पेट को हल्का रखता है बल्कि दिनभर शरीर को ऊर्जा देने वाला पौष्टिक भोजन भी है।
बेसन चिल्ला रेसिपी का इतिहास
भारतीय भोजन संस्कृति में बेसन का उपयोग सदियों से होता आ रहा है। चने की दाल को भूनकर या सुखाकर पीसने से बनने वाला बेसन न सिर्फ स्वादिष्ट व्यंजन बनाने में काम आता है बल्कि आयुर्वेदिक दृष्टि से भी यह बहुत गुणकारी माना गया है। बेसन से बनने वाले पकौड़े, लड्डू और ढोकला जैसे व्यंजन भारत के हर कोने में प्रसिद्ध हैं। इन्हीं में से एक सरल और पौष्टिक व्यंजन है – बेसन चिल्ला रेसिपी।
1. ग्रामीण भारत से शुरुआत
चिल्ला बनाने की परंपरा का जन्म भारतीय ग्रामीण रसोई से हुआ। पुराने समय में जब सुबह जल्दी खेतों में काम के लिए जाना होता था, तो घर की महिलाएँ जल्दी तैयार होने वाला, पेट भरने वाला और पौष्टिक भोजन बनाने की तलाश में रहती थीं। ऐसे में उन्होंने बेसन को पानी और मसालों के साथ मिलाकर तवे पर सेंका और यहीं से चिल्ला का जन्म हुआ।
2. उत्तर भारत में लोकप्रियता
उत्तर भारत, खासकर पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में चिल्ला एक पारंपरिक नाश्ते के रूप में जाना जाने लगा। पंजाब में इसे अक्सर मक्खन और दही के साथ परोसा जाता है, जबकि राजस्थान में इसे अचार और चटनी के साथ खाना पसंद किया जाता है।
3. अन्य राज्यों में रूपांतरण
गुजरात में बेसन का ढोकला जितना लोकप्रिय है, उतना ही बेसन चिल्ला रेसिपी भी घर-घर में बनाया जाता है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में इसे सुबह और शाम दोनों समय नाश्ते के रूप में खाया जाता है।
महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी यह अलग नाम और स्वाद के साथ बनाया जाने लगा।
4. आधुनिक समय में बदलाव
आजकल बेसन चिल्ला रेसिपी केवल पारंपरिक घरों तक सीमित नहीं रहा।
इसे रेस्टोरेंट और कैफे में हेल्दी ब्रेकफास्ट के रूप में शामिल किया जाता है।
कई जगहों पर इसे स्ट्रीट फूड के रूप में भी परोसा जाता है।हेल्थ-कॉन्शियस लोग इसे डाइट फ्रेंडली डिश मानकर सुबह के नाश्ते में शामिल करते हैं।
इस तरह बेसन चिल्ला रेसिपी का इतिहास ग्रामीण रसोई से शुरू होकर आज के आधुनिक हेल्दी फूड तक पहुँचा है।
INGREDIENTS
- बेसन – 1 कप
- प्याज़ – 1 बारीक कटा हुआ
- टमाटर – 1 छोटा बारीक कटा हुआ
- हरी मिर्च – 1-2 बारीक कटी हुई
- अदरक – 1 छोटा टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ)
- हरी धनिया पत्ती – 2 टेबलस्पून (बारीक कटी हुई)
- हल्दी पाउडर – ¼ टीस्पून
- लाल मिर्च पाउडर – ½ टीस्पून
- जीरा – ½ टीस्पून
- नमक – स्वादानुसार
- पानी – बैटर बनाने के लिए
- तेल – सेंकने के लिए
बेसन चिल्ला रेसिपी बनाने की विधि
बेसन चिल्ला बनाने की विधि बेहद आसान है, लेकिन अगर इसे विस्तार से समझा जाए तो हर स्टेप में कुछ खास बातें छुपी होती हैं। सही तरीके से बनाने पर यह और भी ज्यादा स्वादिष्ट और हेल्दी बन जाता है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।
चरण 1 – सामग्री की तैयारी
बेसन चिल्ला बनाने से पहले सभी सामग्री को तैयार करना बहुत ज़रूरी है। यह प्रक्रिया न केवल समय बचाती है बल्कि चिल्ले को स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाने में भी मदद करती है।
1. बेसन – 1 कप बेसन को छलनी से छान लें। इससे इसमें मौजूद गांठें निकल जाती हैं और बैटर स्मूद बनता है।
2. प्याज़ – 1 मध्यम आकार का प्याज़ बारीक काट लें।
3. टमाटर – 1 छोटा टमाटर धोकर बारीक काट लें।
4. हरी मिर्च – 1-2 हरी मिर्चें बारीक काटें।
5. अदरक – 1 छोटा टुकड़ा अदरक कद्दूकस कर लें।
6. धनिया पत्ती – थोड़ी सी हरी धनिया पत्ती धोकर बारीक काट लें।
7. मसाले – हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, जीरा और नमक।
8. पानी – गुनगुना पानी इस्तेमाल करें ताकि बैटर अच्छे से तैयार हो।9. तेल/घी – चिल्ला सेंकने के लिए।
चाहें तो इसमें गाजर, शिमला मिर्च, पत्तागोभी या पालक जैसी सब्ज़ियाँ भी बारीक काटकर डाल
चरण 2 – बैटर तैयार करना
बैटर चिल्ले की आत्मा है। अगर बैटर सही बना तो चिल्ला नर्म और स्वादिष्ट बनेगा, वरना टूट सकता है या कच्चा रह सकता है।
1. सबसे पहले एक गहरे बाउल में बेसन डालें।
2. इसमें हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, जीरा और नमक डालें।
3. अब धीरे-धीरे पानी डालते हुए लगातार फेंटते रहें।
4. बैटर की गाढ़ाई ऐसी होनी चाहिए कि यह न तो बहुत पतला हो और न ही बहुत गाढ़ा।अगर बहुत पतला होगा तो तवे पर फैलने के बाद टूट जाएगा।
अगर बहुत गाढ़ा होगा तो सही से पकेगा नहीं।
5. बैटर को 4-5 मिनट तक अच्छे से फेंटें। ऐसा करने से इसमें हल्की हवा मिल जाएगी और चिल्ला फूला-फूला बनेगा।
चरण 3 – सब्ज़ियाँ मिलाना
1.अब बैटर में कटी हुई प्याज़, टमाटर, हरी मिर्च, अदरक और धनिया पत्ती डालें।
2.सब्ज़ियों से चिल्ले का स्वाद और पोषण दोनों बढ़ जाते हैं।
3.प्याज़ से हल्की मिठास और क्रंच आता है।टमाटर से खट्टापन आता है।धनिया पत्ती से ताजगी आती है।
ध्यान रखें कि सब्ज़ियाँ बैटर में अच्छे से मिक्स हो जाएँ।
चरण 4 – तवे की तैयारी
1. चिल्ला सेंकने के लिए नॉन-स्टिक तवा सबसे अच्छा होता है।
2. अगर आपके पास लोहे का तवा है तो उसे भी इस्तेमाल किया जा सकता है, बस उसे पहले अच्छी तरह गरम करके हल्का तेल लगाकर चिकना कर लें।
3. तवा गरम करने के बाद उस पर एक चम्मच तेल डालें और कपड़े या पेपर टॉवल से हल्का फैला दें।
यह स्टेप बहुत जरूरी है क्योंकि इससे चिल्ला तवे पर चिपकता नहीं है।
चरण 5 – चिल्ला सेंकना
1. अब बैटर की एक कलछी लेकर तवे पर डालें।
2. कलछी के पीछे की मदद से बैटर को गोलाकार फैलाएँ। कोशिश करें कि यह ज्यादा मोटा न हो और न ही बहुत पतला।
3. ऊपर से हल्का तेल चारों तरफ डालें।
4. मध्यम आंच पर 2-3 मिनट तक पकाएँ।
5. जब नीचे की सतह सुनहरी और कुरकुरी हो जाए तो स्पैचुला से पलट दें।
6. अब दूसरी तरफ से भी 2-3 मिनट तक पकाएँ।
7. जब दोनों तरफ से हल्का सुनहरा और कुरकुरा हो जाए तो समझ लें कि चिल्ला तैयार है।
एक-एक चिल्ला बनाने में लगभग 5–6 मिनट का समय लगता है।
चरण 6 – परोसना
1.गरमागरम बेसन चिल्ला को तवे से उतारकर प्लेट में रखें।
2.इसे हरी धनिया-पुदीना की चटनी, मीठी इमली की चटनी या टोमैटो कैचअप के साथ परोसें।
3.चाहें तो दही या रायते के साथ भी सर्व कर सकते हैं।
विशेष सुझाव
- अगर आप बच्चों के लिए बना रहे हैं तो इसमें पनीर या चीज़ डाल सकते हैं।
- डाइट करने वाले लोग इसमें पालक या मेथी मिलाकर हेल्दी वर्ज़न बना सकते हैं।
- तवे को हमेशा हल्की आँच पर रखें, वरना चिल्ला बाहर से जल जाएगा और अंदर से कच्चा रह जाएगा।
- अगर चिल्ला तवे पर चिपक रहा है तो थोड़ा और तेल डालें या तवे को अच्छे से गरम करें।
- बैटर को लंबे समय तक न रखें, वरना उसमें खट्टापन आ सकता है।
बेसन चिल्ला रेसिपी की वैराइटी
1. साधारण बेसन चिल्ला
- इसमें सिर्फ बेसन, हल्दी, नमक, हरी मिर्च, और धनिया डाला जाता है।
- तेल में सेंककर नाश्ते के लिए तैयार।
2. सब्ज़ियों वाला बेसन चिल्ला
- इसमें प्याज, टमाटर, गाजर, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, और पत्तेदार सब्ज़ियाँ मिलाई जाती हैं।
- यह सबसे पॉपुलर और पौष्टिक रूप है।
3. पनीर बेसन चिल्ला
- बेसन के घोल में पनीर की कद्दूकस मिलाकर बनाया जाता है।
- प्रोटीन से भरपूर और बच्चों के लिए बेहद हेल्दी।
4. पालक बेसन चिल्ला
- इसमें पालक की प्यूरी या बारीक कटी पालक मिलाई जाती है।
- हरे रंग का चिल्ला बनता है जो आयरन और फाइबर से भरपूर होता है।
5. मूंग दाल और बेसन मिक्स चिल्ला
- बेसन और मूंग दाल के पेस्ट को मिलाकर बनाया जाता है।
- स्वाद और पोषण दोनों में श्रेष्ठ।
6. ओट्स बेसन चिल्ला
- ओट्स पाउडर को बेसन के साथ मिलाकर बनाया जाता है।
- वेट लॉस और डाइटिंग करने वालों के लिए परफेक्ट।
7. चीज़ बेसन चिल्ला
- बच्चों के लिए खास – बेसन के बैटर में चीज़ डालकर बनाया जाता है।
- पिज्ज़ा जैसा स्वाद आता है।
8. मेथी बेसन चिल्ला
- ताज़ी मेथी की पत्तियाँ बैटर में मिलाकर बनाई जाती हैं।
- डायबिटीज़ और ब्लड प्रेशर वालों के लिए फायदेमंद।
9. स्टफ्ड बेसन चिल्ला
- चिल्ला बनाते समय बीच में आलू, पनीर, या सब्जियों की स्टफिंग डालकर रोल की तरह तैयार किया जाता है।
- यह लंच या टिफिन के लिए शानदार विकल्प है।
10. रवा बेसन चिल्ला
- सूजी (रवा) और बेसन मिलाकर बनाया जाता है।
- कुरकुरा और हल्का स्वाद आता है।
11. टोमैटो बेसन चिल्ला
- बैटर में टमाटर प्यूरी मिलाई जाती है।
- चटख लाल रंग और खट्टा-मीठा स्वाद मिलता है।
12. हंग कर्ड बेसन चिल्ला
- बैटर में थोड़ा दही मिलाकर बनाया जाता है।
- यह बेहद सॉफ्ट और हल्का खट्टापन लिए होता है।

बेसन चिल्ला रेसिपी
Equipment
- बेसन चिल्ला रेसिपी
Ingredients
- बेसन – 1 कप
- प्याज़ – 1 बारीक कटा हुआ
- टमाटर – 1 छोटा बारीक कटा हुआ
- हरी मिर्च – 1-2 बारीक कटी हुई
- अदरक – 1 छोटा टुकड़ा कद्दूकस किया हुआ
- हरी धनिया पत्ती – 2 टेबलस्पून बारीक कटी हुई
- हल्दी पाउडर – ¼ टीस्पून
- लाल मिर्च पाउडर – ½ टीस्पून
- जीरा – ½ टीस्पून
- नमक – स्वादानुसार
- पानी – बैटर बनाने के लिए
- तेल – सेंकने के लिए
Instructions
बेसन चिल्ला रेसिपी बनाने की विधि
- बेसन चिल्ला बनाने की विधि बेहद आसान है, लेकिन अगर इसे विस्तार से समझा जाए तो हर स्टेप में कुछ खास बातें छुपी होती हैं। सही तरीके से बनाने पर यह और भी ज्यादा स्वादिष्ट और हेल्दी बन जाता है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।
चरण 1 – सामग्री की तैयारी
- बेसन चिल्ला बनाने से पहले सभी सामग्री को तैयार करना बहुत ज़रूरी है। यह प्रक्रिया न केवल समय बचाती है बल्कि चिल्ले को स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाने में भी मदद करती है।
- बेसन – 1 कप बेसन को छलनी से छान लें। इससे इसमें मौजूद गांठें निकल जाती हैं और बैटर स्मूद बनता है।
- प्याज़ – 1 मध्यम आकार का प्याज़ बारीक काट लें।
- टमाटर – 1 छोटा टमाटर धोकर बारीक काट लें।
- हरी मिर्च – 1-2 हरी मिर्चें बारीक काटें।
- अदरक – 1 छोटा टुकड़ा अदरक कद्दूकस कर लें।
- धनिया पत्ती – थोड़ी सी हरी धनिया पत्ती धोकर बारीक काट लें।
- मसाले – हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, जीरा और नमक।
- पानी – गुनगुना पानी इस्तेमाल करें ताकि बैटर अच्छे से तैयार हो।9. तेल/घी – चिल्ला सेंकने के लिए।
- चाहें तो इसमें गाजर, शिमला मिर्च, पत्तागोभी या पालक जैसी सब्ज़ियाँ भी बारीक काटकर डाल
चरण 2 – बैटर तैयार करना
- बैटर चिल्ले की आत्मा है। अगर बैटर सही बना तो चिल्ला नर्म और स्वादिष्ट बनेगा, वरना टूट सकता है या कच्चा रह सकता है।
- सबसे पहले एक गहरे बाउल में बेसन डालें।
- इसमें हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, जीरा और नमक डालें।
- अब धीरे-धीरे पानी डालते हुए लगातार फेंटते रहें।
- बैटर की गाढ़ाई ऐसी होनी चाहिए कि यह न तो बहुत पतला हो और न ही बहुत गाढ़ा।अगर बहुत पतला होगा तो तवे पर फैलने के बाद टूट जाएगा।
- अगर बहुत गाढ़ा होगा तो सही से पकेगा नहीं।
- बैटर को 4-5 मिनट तक अच्छे से फेंटें। ऐसा करने से इसमें हल्की हवा मिल जाएगी और चिल्ला फूला-फूला बनेगा।
चरण 3 – सब्ज़ियाँ मिलाना
- 1.अब बैटर में कटी हुई प्याज़, टमाटर, हरी मिर्च, अदरक और धनिया पत्ती डालें।
- 2.सब्ज़ियों से चिल्ले का स्वाद और पोषण दोनों बढ़ जाते हैं।
- 3.प्याज़ से हल्की मिठास और क्रंच आता है।टमाटर से खट्टापन आता है।धनिया पत्ती से ताजगी आती है।
- ध्यान रखें कि सब्ज़ियाँ बैटर में अच्छे से मिक्स हो जाएँ।
चरण 4 – तवे की तैयारी
- चिल्ला सेंकने के लिए नॉन-स्टिक तवा सबसे अच्छा होता है।
- अगर आपके पास लोहे का तवा है तो उसे भी इस्तेमाल किया जा सकता है, बस उसे पहले अच्छी तरह गरम करके हल्का तेल लगाकर चिकना कर लें।
- तवा गरम करने के बाद उस पर एक चम्मच तेल डालें और कपड़े या पेपर टॉवल से हल्का फैला दें।
- यह स्टेप बहुत जरूरी है क्योंकि इससे चिल्ला तवे पर चिपकता नहीं है।
चरण 5 – चिल्ला सेंकना
- अब बैटर की एक कलछी लेकर तवे पर डालें।
- कलछी के पीछे की मदद से बैटर को गोलाकार फैलाएँ। कोशिश करें कि यह ज्यादा मोटा न हो और न ही बहुत पतला।
- ऊपर से हल्का तेल चारों तरफ डालें।
- मध्यम आंच पर 2-3 मिनट तक पकाएँ।
- जब नीचे की सतह सुनहरी और कुरकुरी हो जाए तो स्पैचुला से पलट दें।
- अब दूसरी तरफ से भी 2-3 मिनट तक पकाएँ।
- जब दोनों तरफ से हल्का सुनहरा और कुरकुरा हो जाए तो समझ लें कि चिल्ला तैयार है।
- एक-एक चिल्ला बनाने में लगभग 5–6 मिनट का समय लगता है।
चरण 6 – परोसना
- 1.गरमागरम बेसन चिल्ला को तवे से उतारकर प्लेट में रखें।
- 2.इसे हरी धनिया-पुदीना की चटनी, मीठी इमली की चटनी या टोमैटो कैचअप के साथ परोसें।
- 3.चाहें तो दही या रायते के साथ भी सर्व कर सकते हैं
बेसन चिल्ला रेसिपी के स्वास्थ्य लाभ
बेसन चिल्ला सिर्फ स्वादिष्ट नाश्ता नहीं है, बल्कि यह सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है। बेसन (चना दाल का आटा) खुद में पौष्टिक तत्वों का खज़ाना है और जब इसे सब्जियों, पनीर, पालक या ओट्स जैसी चीज़ों के साथ मिलाया जाता है, तो इसके लाभ और भी बढ़ जाते हैं।
1. प्रोटीन से भरपूर
- बेसन में 18-20% प्रोटीन पाया जाता है।
- यह मांसपेशियों की मजबूती, बॉडी बिल्डिंग और बच्चों की ग्रोथ में मदद करता है।
- जो लोग मांसाहार नहीं खाते, उनके लिए बेसन चिल्ला एक शाकाहारी प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है।
2. वज़न घटाने में सहायक
- बेसन में फाइबर अधिक मात्रा में होता है।
- यह पेट को देर तक भरा रखता है और बार-बार भूख लगने से बचाता है।
- तेल कम इस्तेमाल करके बने बेसन चिल्ला वेट लॉस डाइट के लिए आदर्श विकल्प हैं।
3. डायबिटीज़ रोगियों के लिए लाभकारी
- बेसन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स गेहूँ के आटे से कम होता है।
- इससे ब्लड शुगर धीरे-धीरे बढ़ता है और डायबिटीज़ रोगियों के लिए सुरक्षित होता है।
- अगर इसमें मेथी, पालक या लौकी जैसी सब्जियाँ मिलाएँ तो और भी फायदेमंद हो जाता है।
4. पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद
- बेसन में मौजूद फाइबर आँतों की सफाई करता है।
- कब्ज़, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं को दूर करता है।
- बेसन चिल्ला हल्का होता है और आसानी से पच जाता है।
5. दिल की सेहत के लिए अच्छा
- बेसन में कोलेस्ट्रॉल कम करने वाले तत्व पाए जाते हैं।
- यह “खराब कोलेस्ट्रॉल ” को कम करके “अच्छा कोलेस्ट्रॉल ” बढ़ाने में मदद करता है।
- इससे हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा कम होता है।
6. आयरन और खून की कमी दूर करता है
- बेसन में पर्याप्त मात्रा में आयरन पाया जाता है।
- यह शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी (एनीमिया) को दूर करता है।
- महिलाओं और बच्चों के लिए बेसन चिल्ला एक बेहतरीन विकल्प है।
7. ग्लूटेन-फ्री विकल्प
- गेहूँ या मैदा खाने से जिन लोगों को ग्लूटेन एलर्जी होती है, उनके लिए बेसन चिल्ला एक सुरक्षित और स्वादिष्ट विकल्प है।
8. इम्यूनिटी बढ़ाता है
- बेसन में जिंक, मैग्नीशियम, कॉपर और विटामिन B6 जैसे पोषक तत्व होते हैं।
- यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं और संक्रमण से बचाते हैं।
9. बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए लाभकारी
- बच्चों को प्रोटीन और आयरन मिलता है।
- बुज़ुर्गों को आसानी से पचने वाला और हेल्दी खाना मिलता है।
- पनीर या सब्ज़ियों के साथ मिलाकर देने से पोषण और भी बढ़ जाता है।
10. हड्डियों को मज़बूत बनाता है
- बेसन में कैल्शियम और फॉस्फोरस पाया जाता है।
- यह हड्डियों और दाँतों को मज़बूत करता है।
- बढ़ते बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए बेसन चिल्ला लाभकारी है।
11. सौंदर्य और त्वचा के लिए फायदेमंद
- बेसन त्वचा को साफ और चमकदार बनाने के लिए जाना जाता है।
- जब इसे भोजन के रूप में लिया जाता है तो इसके अंदर मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर से टॉक्सिन निकालते हैं।
- इससे त्वचा हेल्दी और ग्लोइंग बनती है।
12. एनर्जी का बेहतरीन स्रोत
- बेसन में कार्बोहाइड्रेट्स और प्रोटीन का संतुलित मिश्रण होता है।
- सुबह नाश्ते में बेसन चिल्ला खाने से पूरे दिन ऊर्जा बनी रहती है।
13. हार्मोनल बैलेंस में मददगार
- बेसन में फाइटोएस्ट्रोजन पाया जाता है, जो महिलाओं के हार्मोनल असंतुलन को नियंत्रित करने में मदद करता है।
- पीरियड्स के दौरान थकान और कमजोरी कम करने में भी यह सहायक है।
14. लो ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है
- बेसन में मैग्नीशियम और पोटैशियम पाया जाता है।
- यह ब्लड प्रेशर को संतुलित करने में मदद करता है।
15. डाइटिंग करने वालों के लिए बेस्ट स्नैक
- बेसन चिल्ला बिना ज्यादा तेल के बनाया जाए तो यह कम कैलोरी, हाई प्रोटीन और हाई फाइबर वाला स्नैक है।
- इससे भूख मिटती है लेकिन वजन नहीं बढ़ता।
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बेसन चिल्ला रेसिपी का पोषण चार्ट
| पोषक तत्व | मात्रा | स्वास्थ्य लाभ |
| कैलोरी | 180 – 200 kcal | ऊर्जा प्रदान करता है |
| प्रोटीन | 9 – 10 g | मांसपेशियों की मजबूती और ग्रोथ |
| कार्बोहाइड्रेट | 25 – 28 g | शरीर को ऊर्जा देता है |
| फाइबर | 4 – 5 g | पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है, कब्ज़ दूर करता है |
| वसा | 5 – 6 g | शरीर को स्वस्थ वसा प्रदान करता है |
| कोलेस्ट्रॉल | 0 mg | दिल के लिए सुरक्षित, हार्ट फ्रेंडली |
| कैल्शियम | 35 – 40 mg | हड्डियों और दाँतों को मज़बूत बनाता है |
| आयरन | 3 – 4 mg | खून की कमी (एनीमिया) दूर करता है |
| मैग्नीशियम | 45 – 50 mg | नसों और दिल की कार्यप्रणाली के लिए जरूरी |
| पोटैशियम | 180 – 200 mg | ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है |
| सोडियम | 15 – 20 mg | इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखता है |
| विटामिन A | 20 – 25 mcg | आँखों की सेहत और इम्यूनिटी के लिए अच्छा |
| विटामिन B1 | 0.15 – 0.20 mg | नर्वस सिस्टम और ऊर्जा उत्पादन |
| विटामिन B6 | 0.2 – 0.3 mg | मेटाबॉलिज़्म और दिमाग़ के लिए फायदेमंद |
| फोलेट | 150 – 200 mcg | प्रेग्नेंट महिलाओं और ब्लड सेल निर्माण में सहायक |
| जिंक | 1.2 – 1.5 mg | इम्यूनिटी और हार्मोन बैलेंस के लिए अच्छा |
नोट्स
1. यह पोषण चार्ट साधारण बेसन चिल्ला (कम तेल में बना हुआ, बिना स्टफिंग) के लिए है।
2. अगर आप इसमें पनीर, पालक, सब्ज़ियाँ, या ओट्स मिलाते हैं तो प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स की मात्रा और बढ़ जाती है।
3. अधिक तेल डालकर बनाने से कैलोरी और फैट का स्तर बढ़ सकता है।
बेसन चिल्ला रेसिपीFAQs
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल–जवाब
Q1. बेसन चिल्ला रेसिपी क्या है
A बेसन चिल्ला रेसिपी एक पारंपरिक भारतीय नमकीन पैनकेक है, जो चना दाल के आटे (बेसन) से बनाया जाता है। इसे मसाले और सब्ज़ियों के साथ तवे पर सेंककर तैयार किया जाता है।
Q2. बेसन चिल्ला रेसिपी बनाने में कितना समय लगता है
A बेसन चिल्ला बनाने में लगभग 15–20 मिनट का समय लगता है।
Q3. क्या बेसन चिल्ला रेसिपी हेल्दी होता है
A हाँ, बेसन चिल्ला रेसिपी प्रोटीन, फाइबर, आयरन और विटामिन्स से भरपूर होता है। यह आसानी से पच जाता है और डायबिटीज़ तथा वज़न घटाने वालों के लिए भी अच्छा है।
Q4. क्या बेसन चिल्ला रेसिपी वजन घटाने में मदद करता है
A जी हाँ, बेसन चिल्ला रेसिपी लो-कैलोरी और हाई-फाइबर फूड है। यह पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और बार-बार भूख लगने से बचाता है।
Q5. क्या बेसन चिल्ला रेसिपी डायबिटीज़ के मरीज खा सकते हैं
A बिल्कुल, क्योंकि बेसन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। इसमें मेथी, पालक और टमाटर जैसी सब्ज़ियाँ डालने से यह और भी फायदेमंद हो जाता है।
Q6. क्या बेसन चिल्ला रेसिपी बच्चों के लिए अच्छा है
A हाँ, बच्चों को पनीर या चीज़ डालकर बेसन चिल्ला रेसिपी देने से उन्हें प्रोटीन और कैल्शियम अच्छी मात्रा में मिलता है, जो उनकी ग्रोथ के लिए जरूरी है।
Q7. बेसन चिल्ला रेसिपी को और हेल्दी कैसे बनाया जा सकता है
बेसन चिल्ला रेसिपी को और हेल्दी बनाने के लिए आप इसमें—पालक, मेथी, गाजर, शिमला मिर्च जैसी सब्ज़ियाँ डालेंओट्स पाउडर या मूंग दाल मिलाएँतवे पर कम तेल का उपयोग करें
Q8. क्या बेसन चिल्ला रेसिपी ग्लूटेन-फ्री है
A हाँ, बेसन में ग्लूटेन नहीं होता, इसलिए यह उन लोगों के लिए आदर्श है जिन्हें ग्लूटेन से एलर्जी है।
Q9. क्या बेसन चिल्ला रेसिपी डिनर में खा सकते हैं
A हाँ, आप इसे ब्रेकफास्ट, लंच या डिनर किसी भी समय खा सकते हैं। हल्का और कम तेल में बना बेसन चिल्ला रात में भी आसानी से पच जाता है।
Q10. बेसन चिल्ला रेसिपी के साथ क्या परोसा जाता है
A बेसन चिल्ला रेसिपी के साथ आमतौर पर –हरी धनिया चटनीटमाटर की चटनीदही या रायताटमाटर केचपपरोसा जाता है।
Q11. क्या बेसन चिल्ला रेसिपी फ्रिज में स्टोर कर सकते हैं
A पके हुए बेसन चिल्ला रेसिपी को फ्रिज में स्टोर नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह सख्त और बेस्वाद हो जाता है। हालाँकि, बेसन का बैटर आप फ्रिज में 1 दिन तक रख सकते हैं।
Q12. बेसन चिल्ला रेसिपी और मूंग दाल चिल्ला में क्या अंतर है
A बेसन चिल्ला रेसिपी चना दाल के आटे से बनता है, जबकि मूंग दाल चिल्ला मूंग दाल पीसकर बनाया जाता है। दोनों हेल्दी हैं लेकिन स्वाद और टेक्सचर अलग होता है।
Q13. क्या बेसन चिल्ला रेसिपी शाकाहारी डिश है
A हाँ, बेसन चिल्ला रेसिपी पूरी तरह से शाकाहारी और वीगन डिश है, क्योंकि इसमें दूध या अंडे जैसी कोई नॉन-वेज सामग्री नहीं होती।
Q14. क्या बेसन चिल्ला रेसिपी में अंडा डाला जा सकता है
A जी हाँ, कुछ लोग इसमें अंडा डालकर एग-बेसन चिल्ला रेसिपी बनाते हैं, जिससे प्रोटीन की मात्रा और बढ़ जाती है।
Q15. क्या बेसन चिल्ला रेसिपी को बच्चों के टिफिन में दिया जा सकता है
A बिल्कुल, आप इसमें सब्ज़ियों और चीज़ की स्टफिंग डालकर बच्चों के लिए हेल्दी और टेस्टी टिफिन बना सकते हैं।
बेसन चिल्ला रेसिपी का अंतिम निष्कर्ष
बेसन चिल्ला भारतीय घरों में बनाया जाने वाला एक बेहद लोकप्रिय, झटपट और हेल्दी नाश्ता है। इसकी खासियत यह है कि इसे बनाने में बहुत कम समय लगता है, यह स्वादिष्ट भी होता है और सेहत के लिए भी फायदेमंद है।
- साधारण सामग्री से तैयार: बेसन, मसाले और हरी सब्ज़ियों से बनने वाला यह व्यंजन हर घर की रसोई में आसानी से बन जाता है।
- हेल्दी विकल्प: इसमें प्रोटीन, फाइबर और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा और पोषण देते हैं।
- बहुउपयोगी रेसिपी: आप इसे नाश्ते, टिफिन, स्नैक्स या हल्के डिनर के रूप में खा सकते हैं।
- वैराइटी में उपलब्ध: बेसन चिल्ला को आप वेजिटेबल चिल्ला, पनीर चिल्ला, चीज़ चिल्ला या स्प्राउट्स चिल्ला बनाकर और भी पौष्टिक व स्वादिष्ट बना सकते हैं।
- परोसने के तरीके: इसे हरी चटनी, टमाटर की चटनी, दही या अचार के साथ परोसा जाए तो स्वाद और भी बढ़ जाता है।
कुल मिलाकर, बेसन चिल्ला न सिर्फ स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन है, बल्कि व्यस्त जीवनशैली में एक झटपट और हेल्दी विकल्प भी है।