“चना घुगनी – घर पर स्ट्रीट फूड और हेल्दी चना स्नैक बनाना सीखें। मसालेदार, स्वादिष्ट और बच्चों व बड़ों के लिए आदर्श।”
चना घुगनी :- परिचय
चना घुगनी भारत के पूर्वी हिस्सों, विशेषकर बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में एक बेहद लोकप्रिय और पारंपरिक व्यंजन है। इसे स्ट्रीट फूड, हल्का नाश्ता और घर के खाने में लिया जाता है।
“घुगनी” शब्द का अर्थ है मसालेदार उबले हुए दाल या चने से बनी तैयारी, और यह व्यंजन अपने स्वाद और पोषण के कारण सदियों से लोगों की पसंद रहा है।
लोकप्रियता और महत्व
यह व्यंजन सस्ती, हेल्दी और आसानी से बनने वाली चीज़ है।चना घुगनी प्रोटीन, फाइबर और आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर है।यह विशेष रूप से बच्चों, जवानों और बुजुर्गों के लिए एक आसान स्नैक माना जाता है।
क्यों यह ट्रेंड में है
- वर्तमान में हेल्दी फूड और प्रोटीन युक्त नाश्ते की मांग तेजी से बढ़ी है।
- सोशल मीडिया और फूड ब्लॉग्स में चना घुगनी को हेल्दी स्ट्रीट फूड विकल्प के रूप में प्रदर्शित किया जा रहा है।
- त्योहारों और विशेष अवसरों पर भी इसे पारंपरिक और आधुनिक रूप से परोसा जाता है।
इतिहास और उत्पत्ति
ग्रामीण बिहार और बंगाल
- चना घुगनी की उत्पत्ति बिहार और बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों से हुई।
- यह व्यंजन मूलतः किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए बनाया जाता था क्योंकि उबले हुए चने आसानी से उपलब्ध और लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं।
- त्योहारों और अवसरों में महत्वयह व्यंजन त्योहारों और व्रतों में हल्के प्रोटीन वाले नाश्ते के रूप में प्रयोग किया जाता था।
- जैसे कि छठ पूजा, पोंगल आदि अवसरों पर चना घुगनी पारंपरिक भोजन का हिस्सा होती थी।
स्वाद और बनावट का विकास
- समय के साथ घुगनी में प्याज़, टमाटर, हरी मिर्च और मसालों का उपयोग बढ़ा।
- इसके स्वाद को हल्का खट्टा और मसालेदार बनाकर इसे स्ट्रीट फूड और घर का नाश्ता दोनों में लोकप्रिय बनाया गया।
सांस्कृतिक महत्व
बिहार और झारखंड में
- चना घुगनी को स्थानीय त्योहारों, शादी समारोह और सामाजिक भोजन में अक्सर शामिल किया जाता है।
- इसे कभी हल्का स्नैक और कभी पूरा भोजन माना जाता है, विशेष रूप से प्रीतिभोज और चाय के साथ।
पश्चिम बंगाल में
- बंगाल में इसे घुगनी चाट के रूप में तैयार किया जाता है।
- यहाँ पर इसे इमली, दही और हरी चटनी के साथ मिलाकर परोसा जाता है।
लोककथाओं और रिवाजों में
- बिहार और बंगाल की लोककथाओं और गाँव की कहानियों में घुगनी का जिक्र अक्सर मिलता है।
- यह व्यंजन सादगी, पोषण और मेहनती ग्रामीण जीवन का प्रतीक माना जाता है।
INGREDIENTS
- उबले हुए काले या सफ़ेद चने – 1 कप
- प्याज़ (बारीक कटा हुआ) – 1 मध्यम
- टमाटर (बारीक कटा हुआ) – 1 बड़ा
- हरी मिर्च – 1–2 (स्वाद अनुसार)
- अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 छोटा चम्मच
- हल्दी पाउडर – ½ छोटा चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर – ½ छोटा चम्मच
- धनिया पाउडर – ½ छोटा चम्मच
- जीरा – ½ छोटा चम्मच
- नमक – स्वाद अनुसार
- तेल / घी – 2–3 बड़ा चम्मच
- नींबू – ½ (सर्विंग के लिए)
- हरा धनिया – सजावट के लिए
- सेव – 2–3 बड़े चम्मच
- इमली की चटनी – 1–2 बड़े चम्मच
- दही – 2–3 बड़े चम्मच
- पुदीना और हरी धनिया – सजावट
चना घुगनी बनाने की विधि
चना घुगनी बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल का प्रसिद्ध और हेल्दी स्ट्रीट फूड है। यह न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी है। इसे सही तरीके से बनाने पर इसका स्वाद, खुशबू और टेक्सचर अद्भुत बनता है।
चरण 1: चने की तैयारी – नरम, पौष्टिक और स्वादिष्ट
1.1 चना भिगोना
- सबसे पहले काले या सफ़ेद चने लें।
- चने को रात भर पानी में भिगो दें, ताकि यह नरम हो जाए।
- भिगोने के समय थोड़ा नमक या एक चुटकी बेकिंग सोडा डाल सकते हैं।
- बेकिंग सोडा से चना जल्दी नरम होता है।
- ध्यान दें, ज्यादा न डालें, वरना स्वाद बदल सकता है।
- अगर समय कम है, तो उबलते पानी में 1–2 घंटे भिगोकर भी तैयार किया जा सकता है।
टिप्स:भिगोने से चना हल्का फूला और नरम हो जाता है।पुराना चना हो तो इसे लंबे समय भिगोएँ।
1.2 चना उबालना
- भिगोए हुए चने को प्रेशर कुकर या पॉट में डालें।
- पर्याप्त मात्रा मे पानी डालें ताकि चने ढक जाएँ।
- ½ छोटा चम्मच नमक डालें।
- प्रेशर कुकर में 2–3 सीटियाँ आने तक पकाएँ।
- उबालने के बाद चने को छानकर अलग रखें।
टेक्सचर टिप्स:चना नरम होना चाहिए, लेकिन फटना नहीं चाहिए।फटे हुए चने से घुगनी गाढ़ी और टेक्सचर खराब हो जाती है।
चरण 2: मसाले और तड़का – स्वाद का आधार
2.1 तेल/घी का चयन
- कड़ाही में 2–3 बड़ा चम्मच तेल या घी गरम करें।
- तेल पर्याप्त गरम होना चाहिए ताकि मसाले तड़कें और उनका फ्लेवर तेल में फैले।
- घी से स्वाद और खुशबू बढ़ती है।
2.2 जीरा तड़का
- गरम तेल में ½ छोटा चम्मच जीरा डालें।जब जीरा चटकने लगे और खुशबू आने लगे, तड़का तैयार समझें।
2.3 अदरक-लहसुन पेस्ट
- अब 1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट डालें।
- धीमी आंच पर 1–2 मिनट भूनें।
- मसाले की कच्ची खुशबू खत्म होगी और स्वाद गहरा होगा।
2.4 प्याज़ भूनना
- 1 मध्यम प्याज़ बारीक कटा हुआ डालें।
- सुनहरा भूरा होने तक भूनें।
- धीरे-धीरे भूनने से घुगनी में मीठास और कुरकुरापन आता है।
2.5 टमाटर और हरी मिर्च
- 1 बड़ा टमाटर और 1–2 हरी मिर्च डालें।
- 2–3 मिनट भूनें, जब तक टमाटर नरम न हो जाए।
- टमाटर से हल्की खटास और रस आता है, जो घुगनी को संतुलित स्वाद देता है।
टिप्स:टमाटर को अच्छे से भूनें, नहीं तो कच्चा स्वाद रह जाएगा।हरी मिर्च स्वादानुसार एडजस्ट करें।
चरण 3: मसाले डालना – स्वाद का जादू
- मसाले डालें:½ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
- ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- ½ छोटा चम्मच धनिया पाउड
- रस्वादानुसार नमक
- मसाले को धीमी आंच पर 2–3 मिनट तक भूनें, जब तक तेल छोड़ दें।
टेक्सचर टिप्स:मसाले को भूनने से उनका कच्चा स्वाद खत्म होता है और खुशबू गहरी हो जाती है।इस चरण से घुगनी का रंग और स्वाद बढ़ता है।
चरण 4: चने मिलाना – प्रोटीन और ग्रेवी का संतुलन
- उबले चने डालें।आवश्यकतानुसार थोड़ा पानी डालें।
- मध्यम आंच पर 5–7 मिनट पकाएँ।
- चने मसाले के साथ अच्छे से कोटेड हों।
- ग्रेवी की गाढ़ाईसॉसी घुगनी के लिए पानी ज्यादा डालें।
- गाढ़ी घुगनी के लिए पानी कम रखें।
चरण 5: सजावट और सर्विंग
- सादा घुगनीपकाने के बाद ½ नींबू का रस डालें।ऊपर से हरा धनिया छिड़कें।सीधे प्लेट में सर्व करें।
- चाट स्टाइल घुगनीऊपर से दही, इमली की चटनी और सेव डालें।
- पुदीना और हरा धनिया छिड़कें।यह वर्ज़न मीठा, खट्टा और मसालेदार स्वाद देता है।
प्रेजेंटेशन टिप्स:रंगीन प्लेट और ताज़ा हरा धनिया स्ट्रीट फूड स्टाइल आकर्षक बनाता है।चाट स्टाइल में दही और चटनी का swirl पैटर्न खूबसूरत दिखता है।
चरण 6: हेल्दी वेरिएंट्स और बच्चों के लिए एडजस्टमेंट
- हेल्दी वर्ज़नतेल कम करें।अधिक टमाटर और प्याज़ डालें।दही और नींबू का रस बढ़ाएं।मसाले हल्के रखें।
- बच्चों के लिएहरी मिर्च कम या हटाएँ।मसालों को हल्का रखें।दही और हल्की इमली डालें।
- स्ट्रीट फूड वर्ज़नमसाले तीखे रखें।ऊपर से सेव और हरी चटनी डालें।स्वाद और टेक्सचर मजेदार बनता है।-
चरण 7: स्टोरेज और रख-रखाव
- घुगनी को एयरटाइट कंटेनर में 1–2 दिन रखा जा सकता है।
- लंबे समय तक रखने के लिए ग्रेवी और चने अलग रखें।
- रेफ्रिजरेटर में रखने पर नमक और नींबू का रस अंत में डालें।
चरण 8: अतिरिक्त टिप्स और ट्रिक्स
- चना नरम, लेकिन फटने वाला नहीं होना चाहिए।
- मसालों को धीरे-धीरे भूनें।
- स्ट्रीट फूड स्टाइल में दही, चटनी और पुदीना बढ़ाएं।
- नींबू का रस अंत में डालें।
- अगर चना पुराना हो, तो धोकर और लंबे समय भिगोकर उपयोग करें।
- स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ी घी डाल सकते हैं।

चना घुगनी
Equipment
- चना घुगनी
Ingredients
- उबले हुए काले या सफ़ेद चने – 1 कप
- प्याज़ बारीक कटा हुआ – 1 मध्यम
- टमाटर बारीक कटा हुआ – 1 बड़ा
- हरी मिर्च – 1–2 स्वाद अनुसार
- अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 छोटा चम्मच
- हल्दी पाउडर – ½ छोटा चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर – ½ छोटा चम्मच
- धनिया पाउडर – ½ छोटा चम्मच
- जीरा – ½ छोटा चम्मच
- नमक – स्वाद अनुसार
- तेल / घी – 2–3 बड़ा चम्मच
- नींबू – ½ सर्विंग के लिए
- हरा धनिया – सजावट के लिए
- सेव – 2–3 बड़े चम्मच
- इमली की चटनी – 1–2 बड़े चम्मच
- दही – 2–3 बड़े चम्मच
- पुदीना और हरी धनिया – सजावट
Instructions
चना घुगनी बनाने की विधि
- चना घुगनी बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल का प्रसिद्ध और हेल्दी स्ट्रीट फूड है। यह न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी है। इसे सही तरीके से बनाने पर इसका स्वाद, खुशबू और टेक्सचर अद्भुत बनता है।
चरण 1: चने की तैयारी – नरम, पौष्टिक और स्वादिष्ट
- 1.1 चना भिगोना
- सबसे पहले काले या सफ़ेद चने लें।
- चने को रात भर पानी में भिगो दें, ताकि यह नरम हो जाए।
- भिगोने के समय थोड़ा नमक या एक चुटकी बेकिंग सोडा डाल सकते हैं।
- बेकिंग सोडा से चना जल्दी नरम होता है।
- ध्यान दें, ज्यादा न डालें, वरना स्वाद बदल सकता है।
- अगर समय कम है, तो उबलते पानी में 1–2 घंटे भिगोकर भी तैयार किया जा सकता है।
- टिप्स:भिगोने से चना हल्का फूला और नरम हो जाता है।पुराना चना हो तो इसे लंबे समय भिगोएँ।
1.2 चना उबालना
- भिगोए हुए चने को प्रेशर कुकर या पॉट में डालें।
- पर्याप्त मात्रा मे पानी डालें ताकि चने ढक जाएँ।
- ½ छोटा चम्मच नमक डालें।
- प्रेशर कुकर में 2–3 सीटियाँ आने तक पकाएँ।
- उबालने के बाद चने को छानकर अलग रखें।
- टेक्सचर टिप्स:चना नरम होना चाहिए, लेकिन फटना नहीं चाहिए।फटे हुए चने से घुगनी गाढ़ी और टेक्सचर खराब हो जाती है।
चरण 2: मसाले और तड़का – स्वाद का आधार
- 2.1 तेल/घी का चयन
- कड़ाही में 2–3 बड़ा चम्मच तेल या घी गरम करें।
- तेल पर्याप्त गरम होना चाहिए ताकि मसाले तड़कें और उनका फ्लेवर तेल में फैले।
- घी से स्वाद और खुशबू बढ़ती है।
2.2 जीरा तड़का
- गरम तेल में ½ छोटा चम्मच जीरा डालें।जब जीरा चटकने लगे और खुशबू आने लगे, तड़का तैयार समझें।
2.3 अदरक-लहसुन पेस्ट
- अब 1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट डालें।
- धीमी आंच पर 1–2 मिनट भूनें।
- मसाले की कच्ची खुशबू खत्म होगी और स्वाद गहरा होगा।
- 2.4 प्याज़ भूनना
- 1 मध्यम प्याज़ बारीक कटा हुआ डालें।
- सुनहरा भूरा होने तक भूनें।
- धीरे-धीरे भूनने से घुगनी में मीठास और कुरकुरापन आता है।
2.5 टमाटर और हरी मिर्च
- 1 बड़ा टमाटर और 1–2 हरी मिर्च डालें।
- 2–3 मिनट भूनें, जब तक टमाटर नरम न हो जाए।
- टमाटर से हल्की खटास और रस आता है, जो घुगनी को संतुलित स्वाद देता है।
- टिप्स:टमाटर को अच्छे से भूनें, नहीं तो कच्चा स्वाद रह जाएगा।हरी मिर्च स्वादानुसार एडजस्ट करें।
चरण 3: मसाले डालना – स्वाद का जादू
- मसाले डालें:½ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
- ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- ½ छोटा चम्मच धनिया पाउड
- रस्वादानुसार नमक
- मसाले को धीमी आंच पर 2–3 मिनट तक भूनें, जब तक तेल छोड़ दें।
- टेक्सचर टिप्स:मसाले को भूनने से उनका कच्चा स्वाद खत्म होता है और खुशबू गहरी हो जाती है।इस चरण से घुगनी का रंग और स्वाद बढ़ता है।
चरण 4: चने मिलाना – प्रोटीन और ग्रेवी का संतुलन
- उबले चने डालें।आवश्यकतानुसार थोड़ा पानी डालें।
- मध्यम आंच पर 5–7 मिनट पकाएँ।
- चने मसाले के साथ अच्छे से कोटेड हों।
- ग्रेवी की गाढ़ाईसॉसी घुगनी के लिए पानी ज्यादा डालें।
- गाढ़ी घुगनी के लिए पानी कम रखें।
चरण 5: सजावट और सर्विंग
- सादा घुगनीपकाने के बाद ½ नींबू का रस डालें।ऊपर से हरा धनिया छिड़कें।सीधे प्लेट में सर्व करें।
- चाट स्टाइल घुगनीऊपर से दही, इमली की चटनी और सेव डालें।
- पुदीना और हरा धनिया छिड़कें।यह वर्ज़न मीठा, खट्टा और मसालेदार स्वाद देता है।
- प्रेजेंटेशन टिप्स:रंगीन प्लेट और ताज़ा हरा धनिया स्ट्रीट फूड स्टाइल आकर्षक बनाता है।चाट स्टाइल में दही और चटनी का swirl पैटर्न खूबसूरत दिखता है।
चरण 6: हेल्दी वेरिएंट्स और बच्चों के लिए एडजस्टमेंट
- हेल्दी वर्ज़नतेल कम करें।अधिक टमाटर और प्याज़ डालें।दही और नींबू का रस बढ़ाएं।मसाले हल्के रखें।
- बच्चों के लिएहरी मिर्च कम या हटाएँ।मसालों को हल्का रखें।दही और हल्की इमली डालें।
- स्ट्रीट फूड वर्ज़नमसाले तीखे रखें।ऊपर से सेव और हरी चटनी डालें।स्वाद और टेक्सचर मजेदार बनता है।-
चरण 7: स्टोरेज और रख-रखाव
- घुगनी को एयरटाइट कंटेनर में 1–2 दिन रखा जा सकता है।
- लंबे समय तक रखने के लिए ग्रेवी और चने अलग रखें।
- रेफ्रिजरेटर में रखने पर नमक और नींबू का रस अंत में डालें।
चरण 8: अतिरिक्त टिप्स और ट्रिक्स
- चना नरम, लेकिन फटने वाला नहीं होना चाहिए।
- मसालों को धीरे-धीरे भूनें।
- स्ट्रीट फूड स्टाइल में दही, चटनी और पुदीना बढ़ाएं।
- नींबू का रस अंत में डालें।
- अगर चना पुराना हो, तो धोकर और लंबे समय भिगोकर उपयोग करें।
- स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ी घी डाल सकते हैं।
चना घुगनी की वैराइटी
चना घुगनी का बेसिक फॉर्म एकदम साधारण और स्वादिष्ट होता है, लेकिन इसे विभिन्न प्रकार के स्वाद, टेक्सचर और ड्रेसिंग के साथ बनाया जा सकता है।
1. साधारण सादा घुगनी
यह सबसे बेसिक वर्ज़न है।
सामग्री: उबला चना, प्याज़, टमाटर, हरी मिर्च, हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, नमक।
ग्रेवी हल्की और मसालेदार।
सर्विंग: हरे धनिये और नींबू के साथ।
विशेषता:हेल्दी और प्रोटीन युक्त।बच्चों और बुजुर्गों के लिए आसान।
2. स्ट्रीट फूड स्टाइल घुगनी
मसाले ज्यादा तीखे।
ऊपर से सेव, हरी चटनी और इमली की चटनी डालकर सर्व।
कभी-कभी भुनी हुई पापड़ी या फुरकिया भी डाली जाती है।
विशेषता:स्वाद में तीखा-मीठा-खट्टा संतुलन।
आकर्षक कलर और टेक्सचर।लोकल मार्केट या स्टॉल के लिए बेस्ट।
3. चाट स्टाइल घुगनी
सॉस, दही और इमली की चटनी मिलाकर बनाई जाती है।
ऊपर से कटा प्याज़, टमाटर, हरा धनिया और पुदीना डाला जाता है।
कभी-कभी पकोड़ी, सेव और क्रिस्पी आइटम भी डालते हैं।
विशेषता:टॉपिंग से स्वाद और आकर्षण बढ़ता है।पार्टी या इवेंट में सर्विंग के लिए परफेक्ट।
4. हेल्दी / डाइट वर्ज़न
तेल कम, मसाले हल्के।
ज्यादा हरी सब्ज़ियाँ: शिमला मिर्च, गाजर, टमाटर।नींबू और हरे धनिये से स्वाद बढ़ाया जाता है।
दही और चटनी हल्की मात्रा में।
विशेषता:वजन कम करने वालों या हेल्दी खाने वालों के लिए।बच्चों और सीनियर्स के लिए आसान।
5. फ्यूजन वर्ज़न
बेसिक चना घुगनी में इटालियन या मेक्सिकन फ्लेवर मिलाकर बनाया जाता है।
उदाहरण:चीज़ और टमाटो घुगनी: ऊपर से ग्रेटेड चीज़ डालें।
मिक्स्ड हर्ब्स घुगनी: तुलसी, ओरेगैनो और पुदीना के साथ।
टॉर्टिला स्टाइल घुगनी: घुगनी को टॉर्टिला या ब्रेड स्लाइस पर रखें।
विशेषता:ग्लोबल फ्लेवर और मॉडर्न लुक।सोशल मीडिया और फूड ब्लॉगिंग के लिए बढ़िया।
6. स्पेशल इवेंट वर्ज़न
पार्टी और समारोहों में छोटे कप या सर्विंग बाउल्स में सर्व किया जाता है।
ऊपर से सेव, पुदीना, हरी चटनी, दही और इमली चटनी डाली जाती है।
कभी-कभी भुने मसाले और चाट मसाला भी डाला जाता है।
विशेषता:आकर्षक और रंग-बिरंगा।छोटे पार्टी पैकिंग के लिए परफेक्ट।
7. ठंडी घुगनी
उबले चने को ठंडा कर, टमाटर, प्याज़, हरी मिर्च, नींबू और हर्ब्स के साथ मिलाएँ।
कोई भी तेल या कम तेल।कच्चे मसाले हल्के।
विशेषता:गर्मियों में हेल्दी स्नैक।रिफ्रेशिंग और लाइट।
8. मसाला-ग्रेवी वर्ज़न
ज्यादा तेल और मसाले।ग्रेवी गाढ़ी और खट्टा-मीठा स्वाद संतुलित।
स्ट्रीट फूड स्टाल पर सर्विंग।
विशेषता:चपाती, पराठा या भटूरे के साथ बेस्ट।
लोकल खाने वालों में लोकप्रिय।
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चना घुगनी के स्वास्थ्य लाभ
चना घुगनी एक स्वादिष्ट और पोषणयुक्त भारतीय व्यंजन है, जो मुख्य रूप से उबले हुए चने, प्याज़, टमाटर, हरी मिर्च और मसालों से बनाई जाती है। यह न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। इसे नियमित आहार में शामिल करने से शरीर को कई तरह के पोषक तत्व और रोग निवारक गुण मिलते हैं।
1. उच्च प्रोटीन स्रोत – मांसपेशियों और शरीर के लिए लाभकारी
- चना (काबुली चना या काले चने) प्रोटीन से भरपूर होते हैं।
- 100 ग्राम उबले चने में लगभग 8–10 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है।
- प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण और रिपेयर के लिए जरूरी है।
- शाकाहारी लोगों के लिए यह मुख्य प्रोटीन स्रोत बनता है।
फायदे:
- मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है।
- शरीर में ऊर्जा स्तर बढ़ाता है।
- चोट या वर्कआउट के बाद शरीर जल्दी रिकवर होता है।
2. फाइबर युक्त – पाचन और कब्ज में लाभकारी
- चना घुगनी में घुलनशील और अघुलनशील फाइबर दोनों मौजूद होते हैं।
- फाइबर पेट की सफाई करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।
- कब्ज, गैस और पेट की अन्य समस्याओं में राहत देता है।
फायदे:
- लंबे समय तक भूख नहीं लगती, वजन नियंत्रित रहता है।
- कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित करता है।
- शरीर में टॉक्सिन कम करने में मदद करता है।
3. लो फैट और हृदय स्वास्थ्य
- चना घुगनी में फैट की मात्रा कम होती है, खासकर जब तेल या घी कम किया जाए।
- हृदय स्वास्थ्य के लिए यह आदर्श है।
- घुगनी में मसालों का संतुलित प्रयोग हृदय को नुकसान नहीं पहुंचाता।
फायदे:
- हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा कम होता है।
- ब्लड प्रेशर नियंत्रण में मदद करता है।
- शरीर में संतुलित कोलेस्ट्रॉल बनाए रखता है।
4. ब्लड शुगर कंट्रोल – डायबिटीज़ के लिए सुरक्षित
- चना का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है।
- इसका मतलब है कि खून में शुगर धीरे-धीरे बढ़ती है, अचानक नहीं।
- डायबिटीज़ के मरीज इसे आसानी से खा सकते हैं।
फायदे:
- अचानक शुगर स्पाइक्स नहीं आते।
- इंसुलिन स्तर नियंत्रित रहता है।
- नियमित सेवन से मधुमेह जोखिम कम होता है।
5. आयरन और रक्त स्वास्थ्य
- चना में पर्याप्त आयरन होता है।
- आयरन रक्त निर्माण और ऊर्जा के लिए जरूरी है।
- विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों में आयरन की कमी को पूरा करता है।
फायदे:
- एनीमिया से बचाव।शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है।
- मांसपेशियों और अंगों में ऑक्सीजन की सप्लाई बेहतर होती है।
6. कैल्शियम और हड्डियों के लिए लाभकारी
- चना, हरा धनिया, टमाटर और मसाले कैल्शियम के स्रोत हैं।
- कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है।
फायदे:
- हड्डियों की कमजोरी और ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव।
- बच्चों की हड्डियाँ मजबूत बनती हैं।
- वृद्धों में हड्डियों की मजबूती बनाए रखता है।
7. विटामिन और मिनरल्स – इम्यूनिटी बढ़ाने वाले
- चना घुगनी में विटामिन C, विटामिन B, पोटैशियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस पाए जाते हैं।
- यह तत्व इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं।
फायदे:
- सर्दी-जुकाम और इंफेक्शन से बचाव।
- मेटाबोलिज़्म संतुलित रहता है।
- त्वचा और बाल स्वस्थ रहते हैं।
8. एंटीऑक्सीडेंट्स – उम्र बढ़ने और रोग निवारक
- टमाटर, हरी मिर्च, मसाले और हर्ब्स एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं।
- एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स को नियंत्रित करते हैं।
फायदे:
- उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी होती है।
- कैंसर और हृदय रोग का खतरा कम।
- त्वचा और आंखों की सेहत बेहतर।
9. वजन नियंत्रण और भूख संतुलन
- चना घुगनी फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होने के कारण लंबे समय तक भूख नहीं लगने देती।
- यह स्नैक के रूप में वजन नियंत्रण में मदद करता है।
फायदे:
- कम कैलोरी में ज्यादा पोषण।
- शाम या दोपहर के भूख के समय आदर्श।
- हेल्दी डाइट का हिस्सा।
10. बच्चों और बुजुर्गों के लिए लाभ
- बच्चों के लिएप्रोटीन और कैल्शियम शरीर और हड्डियों के विकास में मदद करता है।
- हल्का मसालेदार और दही/नींबू डालकर स्वाद बढ़ाया जा सकता है।
- बुजुर्गों के लिए हल्का और फाइबर पाचन में मदद करता है।
- हृदय और हड्डियों के लिए सुरक्षित।
11. मानसिक स्वास्थ्य और एनर्जी बूस्ट
- चना में मैग्नीशियम और पोटैशियम उच्च मात्रा में होता है।
- यह मानसिक तनाव और थकान को कम करता है।
- प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट मिलकर ऊर्जा स्तर बढ़ाते हैं।
फायदे:
- थकान कम होती है।
- कार्य क्षमता बढ़ती है।
- मूड और फोकस बेहतर रहते हैं।
12. हेल्दी स्नैक विकल्प
- चना घुगनी को स्नैक या लंच में शामिल किया जा सकता है।
- स्ट्रीट फूड वर्ज़न में भी दही और हल्की इमली के साथ सेवन।
फायदे:
- हेल्दी और स्वादिष्ट।
- बाहर के तैलीय स्नैक्स से बेहतर।
- पोषण संतुलित।
चना घुगनी – पोषण चार्ट
| पोषक तत्व | मात्रा | स्वास्थ्य लाभ |
| कैलोरी | 120–150 kcal | ऊर्जा का स्रोत, दैनिक कैलोरी संतुलन में मदद करता है। |
| प्रोटीन | 8–10 g | मांसपेशियों के निर्माण और रिपेयर के लिए आवश्यक। |
| कार्बोहाइड्रेट | 18–20 g | शरीर को त्वरित और स्थायी ऊर्जा प्रदान करता है। |
| फाइबर | 6–8 g | पाचन सुधारता है, कब्ज और गैस से बचाता है। |
| वसा | 2–4 g | हृदय स्वास्थ्य के लिए अनुकूल, कम वसा वाला स्नैक। |
| आयरन | 2–3 mg | रक्त निर्माण, एनीमिया से बचाव। |
| कैल्शियम | 30–40 mg | हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है। |
| पोटैशियम | 150–200 mg | ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखता है, मांसपेशियों और नर्व फंक्शन में मदद करता है। |
| मैग्नीशियम | 20–30 mg | मांसपेशियों और हड्डियों के लिए लाभकारी, एनर्जी मेटाबोलिज़्म में मदद करता है। |
| विटामिन C | 8–10 mg | इम्यूनिटी मजबूत करता है, त्वचा और रक्त वाहिकाओं के लिए लाभकारी। |
| विटामिन B6 | 0.1–0.2 mg | मस्तिष्क और नर्व सिस्टम के लिए आवश्यक। |
| फॉस्फोरस | 40–50 mg | हड्डियों और दांतों के विकास में मदद करता है। |
| सोडियम | 100–150 mg | इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखता है। |
| एंटीऑक्सीडेंट्स | हाँ | फ्री रेडिकल्स से बचाव, इम्यूनिटी बढ़ाता है। |
चना घुगनी FAQs
Q1. चना घुगनी क्या है
उत्तर:चना घुगनी भारत के पूर्वी और उत्तर-भारतीय राज्यों का प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड है। यह उबले चने, मसाले, प्याज़, टमाटर और हरी मिर्च से बनाई जाती है। इसे हेल्दी स्नैक या चाट के रूप में खाया जाता है।
Q2. चना घुगनी कितनी हेल्दी है
उत्तर:बहुत हेल्दी है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, मिनरल्स और विटामिन्स भरपूर मात्रा में होते हैं। यह वजन नियंत्रित रखने, ब्लड शुगर और हृदय स्वास्थ्य में भी लाभकारी है।
Q3. चना घुगनी को बनाने में कितना समय लगता है
उत्तर:चने को भिगोने में: 6–8 घंटे (रात भर)चना उबालने में: 15–20 मिनट (प्रेशर कुकर में)मसाला और तड़का तैयार करने में: 10–15 मिनटकुल समय: लगभग 1 घंटे (भिगोने का समय अलग)
Q4. चना किस प्रकार का होना चाहिए
उत्तर:काले चने या काबुली चने।भिगोने के बाद नरम, लेकिन फटे नहीं।पुराना चना इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह धोएँ और लंबे समय भिगोएँ।
Q5. चना घुगनी में कौन से मसाले डालें
उत्तर:हल्दी पाउडरलाल मिर्च पाउडरधनिया पाउडरहरी मिर्च (स्वाद अनुसार)नमकविकल्प: चाट मसाला, गरम मसाला, हर्ब्स (फ्यूजन वर्ज़न के लिए)
Q6. चना घुगनी को बच्चों के लिए कैसे तैयार करें
उत्तर:मसाले हल्के रखें।हरी मिर्च कम या हटाएँ।दही और नींबू का हल्का फ्लेवर डालें।रंगीन प्लेट और छोटे बाउल में सर्व करें।
Q7. चना घुगनी को कैसे स्टोर करें
उत्तर:एयरटाइट कंटेनर में 1–2 दिन तक फ्रिज में रख सकते हैं।लंबे समय तक रखने के लिए ग्रेवी और चने अलग रखें।सर्विंग से पहले हल्का गर्म कर लें।
Q8. चना घुगनी के कितने वेराइटी हैं
उत्तर:मुख्य वेराइटीज़:1. सादा घुगनी2. स्ट्रीट फूड स्टाइल3. चाट स्टाइल4. हेल्दी/डाइट वर्ज़न5. फ्यूजन वर्ज़न6. स्पेशल इवेंट वर्ज़न7. ठंडी/सलाद स्टाइल8. मसाला-ग्रेवी वर्ज़न
Q9. क्या चना घुगनी वजन कम करने में मदद करता है?उत्तर:हां, चना घुगनी फाइबर और प्रोटीन युक्त होने के कारण लंबे समय तक भूख नहीं लगने देती। इसे हेल्दी तरीके से तैयार करके वजन नियंत्रण में शामिल किया जा सकता है।
Q10. चना घुगनी व्यवसाय के लिए उपयुक्त है
उत्तर:बिल्कुल। यह कम निवेश और छोटे स्टॉल/होम-बेस्ड व्यवसाय के लिए आदर्श है। ऑनलाइन डिलीवरी और लोकल मार्केट दोनों में बेच सकते हैं।
Q11. चना घुगनी स्ट्रीट फूड स्टाइल और घर पर बनाने में क्या अंतर है
उत्तर:स्ट्रीट फूड स्टाइल में मसाले अधिक, ग्रेवी गाढ़ी और ऊपर से सेव, हरी चटनी और इमली चटनी डाली जाती है।घर पर हेल्दी बनाने के लिए तेल कम, मसाले हल्के और दही/नींबू का हल्का फ्लेवर।
Q12. क्या चना घुगनी डायबिटीज़ मरीज खा सकते हैं
उत्तर:हां। चना का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसलिए यह ब्लड शुगर को धीरे बढ़ाता है। डायबिटीज़ मरीज इसे हल्का मसालेदार और तेल कम करके खा सकते हैं।
Q13. चना घुगनी को और स्वादिष्ट कैसे बनाया जा सकता है
उत्तर:मसाले संतुलित रखें।तड़का अच्छे से करें।नींबू और हरा धनिया अंत में डालें।स्ट्रीट फूड/चाट स्टाइल में सेव, दही और इमली की चटनी मिलाएँ।
Q14. चना घुगनी के साथ क्या परोसा जा सकता है
उत्तर:चपाती, पराठा, भटूरे।स्ट्रीट फूड/चाट स्टाइल में अकेले भी स्नैक के रूप में।ठंडी घुगनी सलाद की तरह भी खाई जा सकती है।
Q15. क्या चना घुगनी बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए सुरक्षित है
उत्तर:हां। मसाले कम करके और ग्रेवी हल्की रखकर इसे बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए हेल्दी और सुरक्षित बनाया जा सकता है।

चना घुगनी – अंतिम निष्कर्ष
चना घुगनी सिर्फ एक स्वादिष्ट भारतीय स्ट्रीट फूड नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य और पोषण का भी बेहतरीन स्रोत है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी के लिए फायदेमंद हैं।
इसका नियमित सेवन पाचन सुधारने, ब्लड शुगर नियंत्रित करने, हृदय स्वास्थ्य बनाए रखने, वजन संतुलित रखने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। हल्के मसाले और कम तेल के साथ घर पर बनाकर इसे हेल्दी स्नैक के रूप में शामिल किया जा सकता है।
निष्कर्षतः, चना घुगनी एक ऐसा व्यंजन है जो स्वाद, पोषण और आर्थिक अवसर तीनों को एक साथ प्रदान करता है। इसे अपनी डाइट, बच्चों की प्लेट और व्यवसाय के लिए अपनाना हर मायने में लाभकारी साबित होगा।